नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अपने पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ से मुलाकात के फैसले का स्वागत करते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने कहा कि यह कदम इस्लामाबाद के साथ वार्ता प्रक्रिया को सुदृढ़ करने का मार्ग प्रशस्त करेगा। भाकपा नेता डी.राजा ने कहा, "हम इस कदम का स्वागत करते हैं। यह मोदी का पाकिस्तान का पहला दौरा है और हम प्रधानमंत्री के इस फैसले का स्वागत करते हैं। यह एक अघोषित और चौंकाने वाली यात्रा है और ऐसी यात्राएं प्राय: होनी चाहिए।"
उन्होंने कहा, "यह कदम हमारे पड़ोसी के साथ संबंधों में सुधार में मदद करेगा और वार्ता प्रक्रिया सुदृढ़ होगी।" वाम नेता ने कहा, "कई मौकों पर वार्ताएं रद्द हुईं। भारत में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तरीय वार्ता भी रद्द हो गई, लेकिन यह बाद में बैंकॉक में हुआ। इसके बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान का दौरा किया। अब प्रधानमंत्री भी वही कर रहे हैं।"
जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी मोदी के कदम का स्वागत किया, लेकिन संबंधों में स्थिरता की मांग की। उन्होंने राज्य सरकार पर भी चुटकी ली। अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, "अब जम्मू एवं कश्मीर सरकार के बयान का इंतजार है, जिसका (मुख्यमंत्री) दावा है कि आज मोदी ने मुफ्ती मोहम्मद सईद के कारण लाहौर का दौरा किया।"
उन्होंने कहा, "भारत-पाकिस्तान के बीच संबंध भावनात्मक प्रतिक्रियाओं से ग्रस्त रहा है और इसमें स्थिरता की कमी रही है। इस समय दोनों प्रधानमंत्रियों को संबंधों को सुधारने की ओर ध्यान देना चाहिए।" जनता दल (युनाइटेड) के नेता के.सी.त्यागी ने हालांकि कहा, "एक तरफ मोदी लाहौर में नवाज शरीफ से मुलाकात कर रहे हैं और दूसरी तरफ सीमा पर हमारे जवान मारे जा रहे हैं। दोनों चीजें एक साथ कैसे चल सकती हैं।"