नई दिल्ली। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की स्वायत्त संस्था ललित कला अकादेमी (राष्ट्रीय कला संस्थान) की सामान्य परिषद की बैठक 26 नवम्बर (गुरुवार) को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित की गई। पूर्ण सामान्य परिषद की बैठक 9 वर्षों के अन्तराल के बाद आयोजित की गई। इस बैठक में कई संचालक सदस्यों की चयन प्रक्रिया हुई। चुनाव प्रक्रिया के लिए अध्यक्ष ने पूर्व आयकर आयुक्त डॉ. रामसमुज, आईआरएस की नियुक्ति की। इस चयन प्रक्रिया के दौरान सदस्यों का चयन चुनाव अधिकारी के निरीक्षण में किया गया। डॉ. नंद लाल ठाकुर, हिमाचल प्रदेश से सामान्य परिषद् सदस्य, सर्वसम्मति से ललित कला अकादमी के उपाध्यक्ष चुने गए।
अध्यक्ष डॉ. उत्तम पाचारणे ने कहा ‘हम सामान्य परिषद् की बैठक में आए सभी सम्मानित सदस्यों का धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने अपना अमूल्य समय और सूझबूझ का परिचय देकर देकर अकादेमी के बोर्ड के गठन में सहयोग किया। ये अत्यंत हर्ष का विषय है की अकादमी की सामान्य परिषद् की बैठक 9 वर्ष के लम्बे अंतराल के बाद हो पायी है। इस प्रक्रिया में सम्मानित सदस्यों के अभूतपूर्व सहयोग के लिए हम आभारी हैं। एक कलाकार के दिल में कला, संस्कृति और देश के प्रति अनुराग होता है और यही हमको कलाकारों और देशहित के लिए कार्य करने की प्रेरणा देता है। हमारी इस बैठक में जो एकता की मिसाल देखने को मिली है वह पहले कभी नहीं दिखी और इसी कारण हम सुचारू रूप से बैठक की प्रक्रिया सम्पन्न कर पाए हैं। सामान्य परिषद के सदस्यों में यह एकता सरकार की कला एवं संस्कृति के प्रोत्साहन सम्बंधी नीतियों के प्रति समर्थन का भी प्रतीक है। मैं माननीय संस्कृति मंत्री श्री प्रह्लाद पटेल जी के कुशल नेतृत्व एवं कला तथा संस्कृति के क्षेत्र में उनकी दूरदृष्टि और समर्पण के लिए उनका धन्यवाद करता हूँ ।'
कार्यकारी बोर्ड में सुमन मजूमदार (त्रिपुरा), डॉ. रिचा काम्बोज (उत्तराखंड), किशोर कुमार दास (असम), डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा (उत्तर प्रदेश), सि.एस.कृष्णा सेट्टि (कर्नाटक), अंकुश कुमार देवांगन (छत्तीसगढ़), सुश्री गीता हडसन (तमिलनाडु), सुश्री निरूपमा टाँक (गुजरात), श्री मारुति शेल्के (महाराष्ट्र) और वित्त समिति के सदस्यों के रूप में सि.एस.कृष्णा सेट्टि (कार्यकारी बोर्ड से), सुमन मजूमदार (सामान्य परिषद् से), डॉ. सोनाली सरनोबत, कर्नाटक (सामान्य परिषद् से) का चयन किया गया।
बैठक में सदस्यों ने संस्कृति मंत्रालय के अधीन अन्य अकादेमियों की भाँति सामान्य परिषद और अध्यक्ष का कार्यकाल तीन से बढ़ाकर पांच वर्ष करने का प्रस्ताव पास किया गया। बैठक में अकादमी के अध्यक्ष डॉ. उत्तम पाचारणे ने कलाकार समुदाय के सेवार्थ कई उद्घोषणाएं की। इनमें पुणे (महाराष्ट्र), हुबली (कर्नाटक), अहमदाबाद (गुजरात) और अगरतला (त्रिपुरा) में नए क्षेत्रीय केन्द्र खोले जाएंगे। वर्ष 2021 में भारत की स्वतंत्रता की 75 वर्षगांठ पर 75 प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रशासनिक प्रक्रिया पूर्ण होने पर छात्रवृत्ति और पुरस्कार राशि बढ़ाई जाएगी और आने वाले त्रैवार्षिकी-भारत प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा।