नई दिल्ली: दुनिया के सबसे ऊंचे और मुश्किल भरे रणक्षेत्र सियाचिन में भारत माता के वीर लाल हर पल सरहद की हिफाजत में तैनात रहते हैं। यहां का जीवन आम आमदी की सोच से भी बाहर होता है। सियाचिन किसी बर्फीले रेगिस्तान से कम नहीं है। यहां मौसम कब मौत में बदल जाए कोई नहीं जानता। इस जानलेवा ‘बर्फीले रेगिस्तान’ में पारा मानइस 50 डिग्री तक गिर जाता है। खाने-पूने की चीजें मुंह तक पहुंचने से पहले ही जम जाती हैं।
ऐसी स्थिति में जवानों को खाने के लिए खूब संघर्ष करना पड़ता है। लेकिन, उनके हौसले के आगे ये सभी चुनौतियां छोटी पड़ जाती है। भारत माता के वीर सपूत इन परिस्थितियों को भी मात देते हुए देश की सरहद को सुरक्षित रखते हैं। जहां तक बात खाने की है तो सियाचिन में जवान अपने जमे हुए खाने को पहले गर्म करते हैं और जब वह खाने लायक हो जाता है तब खाते हैं। देखिए ये वीडियो-
ये जवान किसी से शिकायत नहीं कर रहे हैं। ये सिर्फ बता रहे हैं कि आखिर सियाचिन की जिंदगी कितनी कठिन है और वहां कैसे हालात बने रहते हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि जूस के पैकेट को फाड़ कर खोड़ना पड़ा और उसमें से जमा हुआ जूस निकला। वहीं, अंडे, आलू, टमाटर सब ठंड की वजह से जमकर पत्थर से हो गए। बता दें कि सियाचिन के एक ओर पाकिस्तान है तो दूसरी तरफ चालबाज चीन है।