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हिमाचल में मानसून का कहर, 149 सड़कें बंद, अब तक 224 मौतें, राज्य को 1121 करोड़ का हुआ नुकसान

 Written By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Aug 23, 2026 11:10 am IST,  Updated : Aug 23, 2026 11:13 am IST

हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश के चलते सड़के प्रभावित हुई हैं। पहाड़ों में भूस्खलन भी हुए। पर्यटकों और स्थानीय लोगों के वाहनों पर पहाड़ों का मलबा गिरा है। इससे बड़ी संख्या में जनहानि हुई है।

हिमाचल में मानसून की बारिश से खासा नुकसान- India TV Hindi
हिमाचल में मानसून की बारिश से खासा नुकसान Image Source : PTI

हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर लगातार जारी है। भारी बारिश के कारण प्रदेश में सड़क, बिजली और पेयजल सेवाएं प्रभावित हुई हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) की 23 अगस्त सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 149 सड़कें बंद, 60 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (DTR) बाधित और 35 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं।

कुल्लू में सबसे अधिक 31 की मौत

सबसे ज्यादा सड़कें मंडी जिले में 86 बंद हैं। इसके अलावा कुल्लू में 31, शिमला में 10, चंबा में 8, कांगड़ा में 8, ऊना में 4, बिलासपुर में 1 और लाहौल-स्पीति में 1 सड़क बंद है। किन्नौर, सिरमौर और सोलन में फिलहाल कोई सड़क बंद नहीं बताई गई है।

बिजली व्यवस्था की बात करें तो मंडी में 25 और चंबा में 20 DTR बाधित हैं। शिमला में 11, कांगड़ा में 3 और कुल्लू में 1 DTR प्रभावित है। वहीं, पेयजल योजनाओं में हमीरपुर की 30 योजनाएं, शिमला की 4 और कांगड़ा की 1 योजना प्रभावित है।

22 अगस्त तक 224 लोगों की मौत

SEOC की 30 जून से 22 अगस्त 2026 तक की संचयी रिपोर्ट के अनुसार मानसून सीजन में अब तक 224 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 330 लोग घायल हुए हैं और एक व्यक्ति लापता है। इनमें 91 मौतें आपदा से जुड़ी घटनाओं में और 133 मौतें सड़क हादसों में हुई हैं।

आपदा से हुई 91 मौतों में भूस्खलन, बाढ़, डूबने, पत्थर गिरने और अन्य घटनाएं शामिल हैं। सड़क हादसे भी मानसून में जानलेवा साबित हुए हैं।

1121 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान

प्रदेश में मानसून से अब तक कुल 1,12,129.57 लाख रुपये यानी करीब 1,121.30 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। निजी और सार्वजनिक संपत्तियों के साथ मकानों, दुकानों, गौशालाओं और अन्य ढांचों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। रिपोर्ट में 441 पशुओं की मौत भी दर्ज है।

एक रात में बढ़ीं 51 सड़कें

SEOC की 22 अगस्त शाम की रिपोर्ट में प्रदेश में 98 सड़कें बंद थीं, जबकि 23 अगस्त सुबह तक यह संख्या बढ़कर 149 हो गई। यानी रातभर में 51 और सड़कें बंद हो गईं। हालांकि इसी अवधि में बाधित DTR की संख्या 89 से घटकर 60 और प्रभावित पेयजल योजनाओं की संख्या 42 से घटकर 35 हुई है।

आज भी बारिश का दौर जारी

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के 23 अगस्त के पूर्वानुमान के मुताबिक शिमला शहर और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने तथा हल्की बारिश के एक-दो दौर की संभावना है। कांगड़ा, मंडी और चंबा में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर तेज बारिश के साथ आंधी-बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

ऊना, कुल्लू, हमीरपुर, बिलासपुर और सिरमौर में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश तथा एक-दो बार तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने कमजोर इलाकों में भूस्खलन, नालों और नदियों का जलस्तर बढ़ने, सड़कों पर फिसलन और कम दृश्यता के कारण वाहन चालकों के लिए खतरे की चेतावनी दी है।

नदी, नालों और भूस्खलन वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह

लगातार बारिश के बीच प्रशासन और संबंधित विभाग बंद सड़कों को बहाल करने तथा बिजली-पानी की सेवाओं को सामान्य करने में जुटे हुए हैं। लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

कपिल ठाकुर की रिपोर्ट

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