तिरूवनंतपुरम: केरल में स्थानीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण के तहत शेष सात जिलों में मतदान गुरुवार सुबह शुरू हो गया। इस चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ, विपक्षी माकपा के नेतृत्व वाला एलडीएफ और भाजपा अपना अपना भाग्य आजमा रहे हैं। सुबह के समय मतदान करने वालों में आईयूएमएल सुप्रीमो पनक्कड शिहाब थंगल और उद्योगमंत्री पी के कुन्हलीकुट्टी और यूडीएफ के संयोजक पी पी थंकचन शामिल थे। इस चरण के चुनाव में कुल 12,651 सीटों पर मतदान हो रहा हैं, जिन पर अपनी दावेदारी पेश करने के लिए 44,388 उम्मीदवार खड़े हैं।
आज पत्थनमथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टयम, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड और मल्लपुरम की सीटों पर मतदान हो रहा है।
दूसरे चरण का यह मतदान दो निगमों-कोच्चि और त्रिशूर और 55 नगरपालिकाओं, 576 ग्राम पंचायतों, 89 ब्लॉक पंचायतों और सात जिला पंचायतों के लिए हो रहा है। पहले चरण के तहत दो नवंबर को कासरगोड, कोझीकोड, कन्नूर, इडुक्की, कोल्लम, वायानाड और तिरूवनंतपुरम में मतदान हुआ था। मतगणना सात नवंबर को होनी है। इस साल होने वाले स्थायी निकाय के ये चुनाव इस लिहाज से महत्वपूर्ण हैं कि अगले साल यहां विधानसभा चुनाव होने हैं। निकाय चुनाव के नतीजे राज्य के चुनावी रूझानों की ओर इशारा करेंगे। ये चुनाव राज्य में चलती आई द्विध्रुवीय राजनीति को तोड़ने के भाजपा के प्रयासों की भी परीक्षा है।
राज्य में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ और माकपा के नेतृत्व वाला एलडीएफ की राजनीति प्रमुख रही है। भाजपा ने वहां श्री नारायण धर्म परिपालाना योगम का समर्थन लिया है। निकाय चुनावों में अच्छे प्रदर्शन को लेकर आश्वस्त मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने कहा है कि फैसला उनकी सरकार के साढ़े चार साल के शासन पर जनमत संग्रह होगा, वहीं विपक्ष यह उम्मीद लगाए हुए है कि सत्तापक्ष पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण विपक्ष को फायदा हो सकता है। माकपा के वरिष्ठ नेता वी एस अच्युतानंदन (92) ने एलडीएफ के प्रचार अभियान का नेतृत्व किया है।