नई दिल्ली: भारत सरकार के संस्कृति मंत्री महेश शर्मा को पिछले महीने पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम पर की गई टिप्पणी के लिए आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा। उन्होंने कलाम के बारे में कहा था कि वो मुसलमान होने के बावजूद राष्ट्रवादी थे। उनके इस बयान ने इतना तूल पकड़ा कि AIMIM के चीफ असद्दुदीन ओवैसी ने उनको बर्खास्त कर देने की मांग तक कर डाली थी। लेकिन अब उन्हें कलाम का पूर्व आवास (10 राजा जी मार्ग) आवंटित किया गया है। यह खबर एक निजी अखबार के हवाले से सामने आई है।
आपको बता दें कि महेश शर्मा का घर 31 अक्टूबर 2015 को ही खाली हो गया था और उनसे संबंधित तमाम चीजें जिसमें उनकी किताबें और वीणा शामिल है पैक की जा चुकी है। तमिलनाडु के एक सीनियर पत्रकार भगवान सिंह ने चेंज डॉट ओरजी पर एक याचिका दाखिल कर कलाम के घर को ज्ञान केंद्र बना देने की मांग की थी। नियम के मुताबिक टाइप VIII बंगले कैबिनेट मंत्रियों को या उनके समकक्षों को ही दी जाती है। सीपीडब्ल्यूडी के एक अधिकारी के मुताबिक शर्मा ऐसा करने के हकदार नहीं हैं।
‘डोन्ट इनसल्ट डॉ अब्दुल कलाम! मेक हिज देल्ही होम ए नॉलेज सेंटर’ नाम से चेंज डॉट ओआरजी पर दाखिल की गई याचिका के मुताबिक कहा गया है कि वो हजारों किताबें और दस्तावेज जिनपर कलाम ने जीवनभर काम किया, वो वीणा जिसे खुद कलाम कभी बजाया करते थे उसे पैक किया जा चुका है, ताकि वही संस्कृति मंत्री महेश शर्मा जिन्होंने हाल ही में कलाम पर आपत्तिजनक बयान दिया था वो यहां पर रहने आ सकें।