नई दिल्ली: भारत के अलग-अलग हिस्सों में करीब 12.38 बजे 7.4 तीव्रता के तेज़ भूकंप के झटके महसूस किए गए जिससे उत्तर प्रदेश के संभल में 1 और नेपाल में 7 लोगों की मौत हो गई है और भूस्खलन से 150 लोग घायल हो गए हैं, साथ ही कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है।
नेपाल पुलिस ने लोगों को अपने घरों से बाहर रहने की नसीहत दी है।
भूकंप के बाद लगातार आ रहे ऑफ्टरशॉक्स से नेपाल के सिंधुुपालपुर में 3 जगहों पर भूस्खल हुआ है जिसमें 150 लोग घायल होने ख़बर है और कई लोग ढह गई इमारतों के मलबे में दबे होने की आशंका है। एहतियात के तौर पर नेपाल में काठमांडू एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया है।
दहशत में आए लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। पूरे भारत में 1 मिनट 30 सेकंड तक महसूस होते रहे झटके। भूकंप का केंद्र तिब्बत का झाम बताया जा रहा है। ज़मीन से 19 किलोमीटर नीचे आया भूकंप।
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गृह मंत्रालय ने ट्वीट किया है कि गृह मंत्री ने गृह सचिव एलसी गोयल और नेपाल में भारत के राजदूत रंजीत रे से बातचीत की है और एनडीआरएफ को अलर्ट पर रखा गया है।
ग्रहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि, "लोगों को परेशान होने की ज़रूरत नही है, साथ ही हम नेपाल की भी हर संभव मदद करने को तैयार हैं।"
भूकंप के झटके दिल्ली, यूपी, झारखंड, पटना, भूटान, बांग्लादेश में महसूस किए गए।
भूकंप के तेज़ झटकों से मोबाइल टावरों के सर्वरों पर भी असर पड़ा है।
थोड़े दिनों पहले 25 अप्रैल को नेपाल समेत पूरे भारत में भूकंप से भारी तबाही मची थी जिसमें हज़ारो लोगों की मौत हो गई थी।