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'कांग्रेस ने 1937 में तुष्टिकरण के लिए देश के विभाजन की नींव डाली', अमित शाह ने वंदे मातरम विवाद पर विपक्ष को घेरा

 Written By: Shakti Singh
 Published : Aug 20, 2026 12:32 pm IST,  Updated : Aug 20, 2026 12:45 pm IST

कांग्रेस पार्टी ने साफ किया है कि उनके कार्यक्रमों में वंदे मातरम के शुरुआती दो छंद ही गाए जाएंगे। वहीं, संसद में पूरा वंदे मातरम गाने को लेकर कानून पास हो चुका है। इसी को लेकर विवाद हो रहा है।

Amit Shah- India TV Hindi
अमित शाह Image Source : PTI

गृहमंत्री अमित शाह ने वंदे मातरम से जुड़े विवाद को लेकर कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ही 1937 में तुष्टिकरण के लिए वंदे मातरम के दो हिस्से किए थे और देश के विभाजन की नींव डाली थी। देश एक बार वंदे मातरम को दो टुकड़ों में बंटने का असर देख चुका है और दोबारा ऐसा नहीं होने देगा। हालांकि, स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस कार्यालय में पूरा वंदे मातरम बजाया गया था। इस दौरान सोनिया गांधी किसी बात से नाखुश दिखी थीं। बाद में कांग्रेस नेताओं ने सफाई देते हुए कहा कि वह मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मंगा रही थीं, क्योंकि वह बहुत देर से खड़े थे। इस घटना के चार दिन बाद ही कांग्रेस ने कहा कि उनके नेता वंदे मातरम के दो ही छंद गाएंगे।

अमित शाह ने कहा, "कल कांग्रेस पार्टी की कार्य सममिति ने एक आश्चर्यजनक और देश विरोधी फैसला लिया है। उन्होंने अपनी पार्टी के 1937 के रिजोल्यूशन को फॉलो करते हुए महान वंदे मातरम गीत के दो ही छंद गाने का फैसला किया है। मैं इस समय पर पूरे देश को याद कराना चाहता हूं कि 1937 में कांग्रेस पार्टी ने मुस्लिम एपिसमेंट के लिए वंदे मातरम के दो टुकड़े कर देश के विभाजन की नींव डाली थी और वहीं से दो राष्ट्र के सिद्धांत को ताकत मिली थी और देश का विभाजन हुआ और पाकिस्तान का जन्म हुआ। 

कांग्रेस ने शहीदों का अपमान किया-शाह

गृहमंत्री ने कहा, "आज जब वो ऐतिहासिक गलती को वंदे मातरम के गीत के प्रागट्य के 150 वें साल में नरेंद्र मोदी सरकार ने सुधार कर बंकिम बाबू की यह अमर कृति को पूरा गीत गाकर राष्ट्रीय एकात्मता को फिर से एक बार सुदृढ़ करने का प्रयास किया है और सभी सरकारी फंक्शनंस में इसको पूर्ण रूपेण गाने का निर्णय किया है। इस निर्णय को कानूनी जामा भी पहनाया है। इसकी अवहेलना करने का कांग्रेस ने कल निर्णय किया है। कांग्रेस का यह निर्णय केवल और केवल इनकी घोर तुष्टिकरण की नीति की पुष्टि करता है। वोट बैंक के तुष्टिकरण के लिए उन्होंने स्वर्गीय बंकिम बाबू के इस अमर कृति का न केवल अपमान किया है। उन लाखों शहीदों का भी अपमान किया है, जो वंदे मातरम का नारा लगाते लगाते देश की आजादी के लिए फांसी पर चढ़ गए। जिन्होंने कई साल जेल में काटे।"

पार्लियामेंट के एक्ट को नकार रही कांग्रेस

आज कांग्रेस पार्टी 1937 का अपनी पार्टी का रेजोल्यूशन मान रही है और पार्लियामेंट के एक्ट को नकार रही है। मुझे तो बड़ा आश्चर्य है। राहुल गांधी की नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी फिर एक बार इस देश में तुष्टिकरण की राजनीति को पुरजोर तरीके से आगे बढ़ा रही है। मैं देश की जनता को अपील करना चाहता हूं कि एक बार इस देश ने गलती करी थी वंदे मातरम के दो टुकड़े होने देने की और एक गलती के गंभीर परिणाम हमने भुगते हैं। अब देश की जनता एकजुट हो और कांग्रेस पार्टी के इस फैसले के खिलाफ आवाज बुलंद करें। अब इस देश में तुष्टीकरण की राजनीति नहीं चलेगी। यह आजाद देश है। आजादी के 80 साल के बाद 1937 में जो फैसला कांग्रेस ने किया था, जिसको नरेंद्र मोदी जी ने सुधारा है। उसके सामने का कोई विरोध इस देश की जनता नहीं सहन करेगी। भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस पार्टी के इस फैसले की कड़ी निंदा करती है और हम इसका जनता के बीच में और विधाई सदनों में भी पुरजोर विरोध करेंगे।

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