कुआलालंपुर: मलेशियाई प्रधानमंत्री नजीब रज्जाक ने आज कहा कि पिछले सप्ताह हिंद महासागर के एक द्वीप पर मिला विमान का टुकड़ा लापता उड़ान एमएच370 का है। इससे उस विमान का रहस्य सुलझ गया है जो एक वर्ष से अधिक समय पहले 239 यात्रियों के साथ लापता हो गया था।
नजीब ने यहां आयोजित एक विशेष संवाददाता सम्मेलन में कहा, आज विमान के लापता हुए 515 दिन बीत चुके हैं, मैं बहुत..बहुत भारी दिल से आपको बता रहा हूं कि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञयों की एक टीम ने इसकी अंतिम पुष्टि कर दी है कि रीयूनियन आइलैंड पर मिला विमान का मलबा वास्तव में एमएच370 का ही है।
मलेशिया एयरलाइंस के उस मनहूस विमान में चालक दल के सदस्यों सहित 239 लोग सवार थे जब वह गत वर्ष आठ मार्च को कुआलालंपुर से बीजिंग जाते समय लापता हो गया था। तलाशी अभियान में विमान का कोई पता नहीं चला।
गत सप्ताह हिंद महासागर में मेडागास्कर के पास स्थित फ्रांसीसी द्वीप पर विमान का दो मीटर लंबा एक फ्लेपरान मिला था। इसकी फ्रांस के तूलूज स्थित एयरोनाटिकल टेस्ट केंद्र में जांच की गई। फ्लेपरान विमान के पंख का एक हिस्सा होता है।
नजीब ने घोषणा की कि फ्रांस...मलेशिया के एक संयुक्त जांच ने इसकी पुष्टि की कि द्वीप पर मिला फ्लेपरान बोइंग 777 विमान का हिस्सा था। उन्होंने कहा, हमारे पास अब इसका भौतिक सबूत है, जैसा कि मैंने पिछले वर्ष 24 मार्च को घोषणा की थी कि उड़ान एमएच370 दुर्भाग्य से दक्षिणी हिंद महासागर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया है।
उड़ान एमएच370 एकमात्र बोइंग 777 है जो समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त हुआ।