नई दिल्ली: रक्षा खरीद प्रक्रिया को आसान एवं पारदर्शी बनाने के प्रयास के तहत सरकार ने आज एक नयी मेक इन इंडिया वेबसाइट शुरू की जो उद्योग के साथ एक इंटरफेस उपलब्ध कराएगी। सरकार ने जनवरी तक नयी संशोधित रक्षा खरीद प्रक्रिया को अंतिम रूप देने का वादा किया है। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि, सोच बदलना एक मुश्किल काम है और लक्ष्य से अधिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार अधिक पादर्शिता के साथ विकास के समान अवसर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में लगी है।
पर्रिकर ने कहा, पिछले 10 वर्षों में देखा गया है कि प्रक्रिया, लक्ष्य से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। लक्ष्य रक्षा बलों को समयबद्ध तरीके से आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराना है।
मंत्री ने कहा कि जो मंत्रालय उन्हें मिला है वह अविश्वास से भरा था, लेकिन काफी हद तक स्थिति बदल गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह वेबसाइट मेकइनइंडिया डिफेंस डॉट कॉम रक्षा उत्पादन के विभिन्न पहलुओं के संबंध में नवीनतम समाचार एवं अधिसूचना प्राप्त करने में बहुत सहायक होगा। उन्हें :अधिकारियों: यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पोर्टल ठीक से काम करे।
बहुप्रतीक्षित रक्षा खरीद प्रक्रिया :डीपीपी: के बारे में पर्रिकर ने कहा कि इसका दस्तावेज तैयार होने के अंतिम चरण में है। डीपीपी को अंतिम रूप देने के लिए रक्षा खरीद परिषद की बैठक या तो दिसंबर के अंतिम सप्ताह में होगी या जनवरी के पहले सप्ताह में होगी।
मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य रक्षा खरीद का 40 प्रतिशत मेक इन इंडिया पहल के अंतर्गत लाना है जो मौजूदा समय में 30 प्रतिशत है और अगले पांच साल में इसे बढ़ाकर 70 प्रतिशत पर ले जाना है।