लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लखनऊ की बाबा साहब आंबेडकर यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में रोहित की मौत पर अपना दुख प्रकट किया। उन्होंने कहा कि मां भारती ने अपना एक लाल खो दिया है। रोहित की खुदकुशी पर भावुक होते हुए मोदी ने कहा कि रोहित की खुदकुशी पर उनकी मां पर क्या बीती होगी? यह कहते कहते वो भावुक हो गए। उन्होंने यहां पर बाबा साहब अंबेडकर के जीवनभर के संघर्ष को भी याद किया। पीएम मोदी ने यहां पर नसीहत देते हुए कहा कि आप लोगों के लिए जिएं।
रोहित की आत्महत्या पर क्या बोले मोदी-
पीएम मोदी ने कहा, "युवा शक्ति बड़ी धरोहर है। बड़ी अनमोल है, लेकिन जब यह खबर मिलती है कि मेरे ही देश के एक नौजवान को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा..यह कहकर वो भावुक हो गए। उन्होंने रोहित की मौत पर अपना दर्द बयां किया और कहा कि इसकी पीड़ा को वो महसूस कर सकते हैं। राजनीति अपनी जगह है और कारण अपनी जगह लेकिन सच यह है कि मां भारती ने एक लाल खो दिया है। हम देश को उस दिशा में ले जाना चाहते हैं जहां नई उमंग, नया संकल्प, नया उत्साह और संकल्पों से जूझने वाला नौजवान हो।"
डॉ. अंबेडकर का किया जिक्र
इसके बाद प्रधानमंत्री ने दलितों के मसीहा डॉ. अंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा, "दुनिया के महापुरुषों को संघर्ष करना पड़ा है। जिंदगी से लड़ना और जूझते रहना चाहिए। अंबेडकर ने अर्थशास्त्र में पीएचडी प्राप्त की। डिग्री तक के सफर में कई लोगों का योगदान होता है।" मोदी ने कहा, "हम अकेले कुछ भी नहीं बन सकते हैं, पूरे समाज का योगदान होता है। विद्यार्थी जीवन के बाद अलग दुनिया होती है। छात्रों के माता-पिता को उनके जन्म से ज्यादा आज खुशी मिली होगी। समाज का हम पर कर्ज है।"
उन्होंने कहा, "संघर्ष अपने आप के साथ ही करना होता है। अपनों के साथ करना होता है। अपनी आत्मा से करना होता है, लेकिन ये तब संभव होता है, जब हम शिक्षित होते हैं। बाबा साहब अंबेडकर भगवान बुद्ध से प्रेरित थे। भगवान बुद्ध का संदेश था, अपने आप को प्रकाशित करो। शिक्षित बनो, संगठित रहो। बाबा साहब के जीवन से सीखना चाहिए। अपमानित होकर अंबेडकर ने सफलता पाई। बाबा साहब ने देश को बहुत कुछ दिया है।"
प्रधानमंत्री के संबोधन से पहले केंदीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अपने उद्बोधन में स्वामी विवेकानंद को याद किया। उन्होंने कहा कि चरित्र निर्माण पर छात्रों को ध्यान देना चाहिए। दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति राम नाइक और लखनऊ के महापौर दिनेश शर्मा भी मौजूद थे।
मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से दोपहर बाद लगभग 2 बजे अपने गृहमंत्री राजनाथ सिंह के संसदीय क्षेत्र लखनऊ पहुंचे। हवाईअड्डे पर उनका स्वागत मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया। इस दौरान राज्यपाल राम नाइक और मुख्य सचिव आलोक रंजन भी मौजूद रहे।
इससे पहले, प्रधानमंत्री ने बनारस में 9000 से अधिक विकलांगों को ट्राईसाइकिल बांटकर एक विश्व रिकॉर्ड बनाया। इसी दौरान उन्होंने वाराणसी-दिल्ली महामना एक्सप्रेस को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
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