रामपुर (उत्तर प्रदेश): इशरत जहां मामले का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने गुरुवार को कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर निशाना साधा तथा आरोप लगाया कि गुजरात मुठभेड़ में मारी गई लड़की का असली चेहरा बेनकाब होने के बाद पार्टी को आतंकवाद समर्थक के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने एक आतंकवादी को राष्ट्रवादी के तौर पर पर पेश करने के लिए अपने मंत्रालय के हलफनामे को बदलने का शर्मनाक कृत्य किया।
सोनिया और राहुल पर निशाना साधते हुए नकवी ने कहा कि उन्होंने आतंकवादी इशरत जहां को निर्दोष के रूप में पेश किया था ताकि नरेंद्र मोदी नीत तत्कालीन गुजरात सरकार को बदनाम किया जा सके। संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री नकवी ने जनसभाओं को संबोधित करते हुए कहा, अब जबकि इशरत के असली चेहरे का पर्दाफाश हो गया है, कांग्रेस के ये नेता अपनी नकारात्मकताओं के लिए माफी मांगने का साहस नहीं प्रदर्शित कर रहे हैं।
नकवी ने कहा, क्या यह शर्मनाक नहीं है कि उस दौरान (संप्रग) के एक गृह मंत्री ने अपना ही हलफनामा बदलवा दिया ताकि एक आतंकवादी को राष्ट्रवादी के रूप में पेश किया जा सके। भाजपा नेता ने आरोप लगाया, यह आसानी से कहा जा सकता है कि कांग्रेस पापों का उद्योग रही है वे (कांग्रेस) आतंकवाद समर्थक के रूप में पहजाने जा रहे हैं।
उन्होंने समझौता एक्सप्रेस विस्फोट का भी जिक्र किया और कहा, यह सोनिया-राहुल की कांग्रेस थी जिसने इसे भगवा आतंकवाद करार दिया और पाकिस्तान को भारत के खिलाफ तीखा हमला बोलने का मौका दे दिया। सूखे का जिक्र करते हुए नकवी ने कहा कि केंद्र सरकार सूखा प्रभावित राज्यों को अधिकतम सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के ग्रीन इंडिया कार्यक्रम के जरिए किसान सूखा जैसी आपदाओं से मुकाबला करने में आत्मनिर्भर हो सकेंगे। इस मकसद को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार हर ग्राम सभा को 80 लाख रूपए मुहैया कराएगी।