नई दिल्ली: असहिष्णुता के विषय पर केंद्र सरकार पर विपक्ष एवं साहित्य जगत के एक वर्ग की आलोचनाओं के बीच केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने इसे बनावटी मुद्दा करार देते हुए देश का माहौल खराब करने और तरक्की के मार्ग को बाधित करने करने की साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि सहिष्णुता देश की आत्मा है और सहिष्णुता पर संकट का सियासी शिगूफा देश की आत्मा पर हमला है।
अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री ने कहा कि भाजपा का दृढ़ मत है कि सहिष्णुता देश की आत्मा है और सौहार्द उसकी ताकत है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग पिछले 16.17 महीनों से बेचैनी से इस इंतजार में थे कि नरेन्द्र मोदी सरकार को किसी मुद्दे पर विफल साबित किया जाए, लेकिन उनकी उम्मीदों पर तुषारापात हो गया और नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने चौतरफा तरक्की हासिल की।
नकवी ने कहा कि तब सहिष्णुता और असहिष्णुता के एक कृत्रिम मुद्दे को गढ़ा गया और देश के माहौल एवं दुनिया में भारत की छवि को खराब करने का प्रयास शुरू किया गया है। लेकिन, देश इस तरह की किसी कोशिशों और षड्यंत्रों को न बर्दाश्त करेगा और न ही स्वीकार करेगा। अल्पसंख्यक समुदाय के आशंकित होने संबंधी विपक्षी दलों के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर नकवी ने कहा कि चाहे देश का कोई भी तबका हो, गरीब हो या कमजोर वर्ग हो। नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार समाज के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचने और उसे विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाने के विचार से काम कर रही है।