मुंबई: शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे की बरसी पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने रिश्तों में तल्खियों को अलग करते हुए आज एक साथ आए और शिवाजी पार्क इलाके में मुंबई के महापौर के बंगले में ठाकरे के लिए स्मारक बनाने की घोषणा की।
फड़णवीस ने उद्धव के साथ एक संयुक्त प्रेस सम्मेलन में कहा, बालासाहब भाजपा और शिवसेना के बीच गठबंधन के लिए जिम्मेदार थे। वह हम सभी के लिए मार्गदर्शक प्रकाशपुंज रहे, जिन्होंने महाराष्ट्र को बनाने में मदद की, जिसका हर जगह सम्मान होता है। उनकी प्रतिष्ठा के अनुरूप एक स्मारक महापौर के बंगले में बनाया जाएगा और समूचा खर्च सरकार वहन करेगी। इस घोषणा से पहले कई दिनों तक इसपर विमर्श होता रहा कि बाल ठाकरे के लिए स्मारक किस जगह बनाया जाए।
फडणवीस ने कहा, स्मारक के निर्माण की घोषणा करने के बाद हमने मुख्य सचिव और जीएडी, यूडीडी के सचिवों, मुंबई के पुलिस आयुक्त और बीएमसी के आयुक्त वाली एक उच्च शक्ति वाली समिति की स्थापना की थी। समिति को स्मारक के लिए जगह के बारे में सलाह देने का कार्यभार सौंपा गया था।
उन्होंने बताया कि समिति ने आठ जगहों की सलाह दी थी। उद्धव के साथ गहन विमर्श के बाद इस बारे में फैसला किया गया। फडणवीस ने बताया कि शिवसेना नेता सुभाष देसाई और अनिल देसाई ने सभी जगहों का मुआयना किया और हमने आखिर में फैसला किया कि महापौर के बंगले में स्मारक बनेगा।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि स्मारक बनाने से जुड़े मुद्दे तय करने के लिए उद्धव की अध्यक्षता में एक सार्वजनिक न्यास की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा, महापौर का बंगला एक विरासत स्थल है। इसे गिराया नहीं जा सकता। लेकिन स्मारक इस जगह पर बनेगा और महापौर आवास को किसी अन्य बंगले में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।