
लोगों के बीच राजबाबा नाम से मशहूर गनी ने बताया, “मुझे मेरे बेटे के लिए बिरादरी में लड़की नहीं मिल रही है।” राजूबाबा दिन में पांच बार नमाज अदा करते हैं।
वो हसते हुए बताते हैं, “मैं दिन में पांच बार नमाज अदा करने के लिए अलग अलग मस्जिद जाता हूं और ऐसा करते हुए हर कोई मुझे देखता है।” उन्होंने बताया कि उनका बचपन आसान नहीं था। वो अक्सर मंदिर के बाहर बैठकर कीर्तन सीखा करते थे।
हालांकि हिंदू समुदाय उन्हें पूरी तरह से स्वीकार कर चुका है और लोगों के बीच रियाजुद्दीन राजू नाम से भी जाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि जब उन्हें लगा कि लोग सो चुके हैं तब उन्होंने नाच और गाने की उस परंपरा को अपनाया जिसे कभी नामदेव ने शुरु किया था।
मुंबई विश्व विद्यालय की लोककला अकादमी के प्रमुख प्रकाश खड़गे ने बताया कि नदी से पानी लाते हुए वह गाया करता था इसीलिए कलश के साथ डांस करने का विचार उनके मन में आया।
गनी ने बताया कि जब उन्हें गांव छोड़ने की धमकी मिलने लगी तब उन्होंने गांव छोड़ दिया। राजू बाबा ने बताया कि उन्होंने अपनी मां के कारण शादी कर ली। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बतौर कीर्तन कलाकार वो अपने परिवार का भरण पोषण नहीं कर सकते हैं। वहीं राजू के फेमस होने के बाद काफी सारे लोग उन्हें तरह तरह से सुझाव देने लगे हैं। वहीं खड़गे दावा करते हैं कि महाराष्ट्र में राजू भाई जैसा कोई भी नहीं है।