नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सूखा प्रभावित उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों को केंद्र सरकार हर तरह से मदद कर रही है ताकि सूखे की समस्या हमारे अन्नदाता की आत्महत्या का कारण नहीं बनने पाए। उन्होंने साथ ही इस बात पर जोर दिया कि केंद्र की ओर से दिये जा रहे पैसे की पाई पाई ईमानदारी से खर्च की जाए।
नकवी ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की सरकार ने राज्य के किसानों और खेती की दशा सुधारने के लिए कोई काम नहीं किया जिसके चलते राज्य में किसानों की दुर्दशा हुई है, खेती जर्जर हालत में है और लोगों को पानी की कमी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार ने पिछले दो वर्षो में उत्तर प्रदेश में किसानों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कई हजार करोड़ रूपए आवंटित किए हैं। लेकिन राज्य सरकार ने किसानों की स्थिति सुधारने के लिए कोई काम नहीं किया।
अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री ने कहा, सूखा प्रभावित उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों को केंद्र सरकार हर तरह से मदद कर रही है ताकि सूखे की समस्या हमारे अन्नदाता की आत्महत्या का कारण नहीं बन पाये। राज्य सरकारों को केंद्र द्वारा दिए जा रहे निधि की पाई पाई का खर्च ईमानदारी से करना चाहिए। नकवी ने कहा कि जन प्रतिनिधियों, किसान संगठनों, स्वयं सेवी संगठनों, राजनीतिक दलों को किसानों के हितों का रक्षक और चौकीदार बनना चाहिए, ग्राम प्रधानों की इस काम में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने फसल की बर्बादी पर मुआवजे की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब यदि 30 प्रतिशत फसल भी प्रभावित होगी तो किसान को मुआवजा मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू 14 अप्रैल को बाबासाहेब अम्बेडकर के जन्म दिवस से लेकर 24 अप्रैल, 2016 को पंचायती राज दिवस तक चलने वाले ग्रामोदय से भारत उदय अभियान के तहत नकवी ने रामपुर में विभिन्न ग्राम सभाओं में लोगों से चर्चा की।