नई दिल्ली: दिल्ली के विज्ञान भवन में जयप्रकाश नारायण की एक 113वीं जयंती पर हुए समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपातकाल को देश के इतिहास का काला अध्याय बताया लेकिन साथ ही ये भी कहा कि इमरजेंसी से देश को कई सबक भी सीखने को मिले। PM मोदी ने कहा कि, 'आपातकाल को लेकर रोते रहना ठीक नहीं है, लेकिन इससे जो सबक मिले उससे ये सीखना चाहिए कि आगे ऐसा कुछ ना हो।' BJP जेपी की जयंती को 'Save Democracy Day' के तौर पर मना रही रही है।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि, आने वाले समय में भी जेपी की बातें प्रेरणा देती रहेंगी। आपातकाल के दौरान मीसा कानून के तहत जेल गए लोगों को सम्मानित किया और पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की तुलना दक्षिण अफ्रीका की आज़ादी के लिए संघर्ष करने वाले नेल्सन मंडेला से की।
PM मोदी ने जयप्रकाश नारायण के साथ नानाजी देशमुख को भी किया याद किया। उन्होंने कहा कि, जेपी के जीवन को बचाने के लिए नानाजी ने अपने आपको झोंक दिया।
नरेंद्र मोदी ने इमरजेंसी के समय को किया याद करते हुए कहा कि, इमरजेंसी में ही आडवाणी जी से पहली बार निकट से मुलाकात हुई थी।
PM मोदी के अलावा लाल कृष्ण आडवाणी, प्रकाश सिंह बादल समेत कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। समारोह में जेपी के साथ जेल में रहे पत्रकार भी शामिल थे।