नई दिल्ली: नासिक में इस बार कुंभ का इतिहास बदलने जा रहा है। इस बार यह कुंभ 14 अखाड़ों की पेशवाई का गवाह बनेगा। सनातन धर्म के इतिहास में पहली बार यहां महिलाओं के अखाड़े की अलग से पेशवाई होगी।
महिलाओं ने परी संप्रदाय नामक एक अखाड़ा बना रखा है। सिंहस्थ में परी संप्रदाय को अखाड़ा परिषद ने मान्यता दे दी तो यह देश में महिलाओं का पहला अखाड़ा होगा।
ऐसे हुआ 'परी' अखाड़े का गठन
भारी विरोध के बीच कई सौ साल के बाद साधु-संतों के अखाड़ों के इतिहास में एक नए अखाड़े का नाम जुडा। इलाहाबाद महाकुंभ पर हाथ में गंगाजल लेकर महिला अखाड़े की पदाधिकारियों का पट्टाभिषेक हुआ जो देश का यह 14 वां अखाड़ा बना।
लगभग 150 साल पहले साधु-संतों ने दशनामी अखाड़े का गठन किया था, उसके बाद से किसी अखाड़े का गठन नहीं हुआ। महिला साध्वियों व संतों को अपने से जोड़ने के लिए महिला अखाड़े का गठन किया गया।