नई दिल्ली: नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को पटियाला हाउस कोर्ट से कुछ समय के लिए राहत मिल गई है। इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 19 दिसंबर को होगी। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को सोनिया-राहुल की उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी से छूट की मांग की थी।
26 जून 2014 को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी को समन जारी कर पेश होने का आदेश दिया था। सोनिया और राहुल ने लोअर कोर्ट के इस आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी जिसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने समन पर रोक लगा दी थी। 4 दिसंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर आदेश सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को अपने फैसले में दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में सोनिया और राहुल को व्यक्तिगत पेशी से छूट देने वाली याचिका में कोई दम नहीं है।
क्या है नेशनल हेराल्ड केस?
'द असोसिएट्स जर्न लिमिटेड' यानी AJL कंपनी के पास नेशनल हेराल्ड का मालिकाना हक़ है। AJL के पास 90 करोड़ रुपए की देनदारियां थीं। फरवरी 2011 में कांग्रेस ने AJL को 90 करोड़ का कर्ज़ दिया था। कर्ज देने के बाद कांग्रेस ने यंग इंडियन कंपनी बनाई। यंग इंडियन में राहुल-सोनिया के 38-38%शेयर हैं। बाकी 24% शेयर मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीस के पास हैं। AJL के शेयर यंग इंडियन को दिए गए 10-10 रुपए के 9 करोड़ शेयर यंग इंडियन को दिए गए। 90 करोड़ रुपए में यंग इंडियन को AJL का अधिकार मिल गया, बाद में कांग्रेस ने 90 करोड़ का कर्ज़ माफ़ कर दिया।
हालांकि कांग्रेस कह रही है कि वो इस फैसले को चुनौती देगी। कांग्रेस इस पूरे मामले को बदले की भावना से प्रेरित बता रही है। आज इस मुद्दे का असर संसद में भी देखने को मिल सकता है।