नई दिल्ली: रिक्टर स्केल पर 7.9 तीव्रता वाले भूकंप ने नेपाल में बीते 81 सालों में सबसे ज़्यादा तबाही मचाई है। शनिवार को आए भूकंप से मरनेवालों की संख्या 2500 हो गई है जबकि 4700 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। भूकंप में मरने वालों में 8 भारतीय भी शामिल हैं।
नेपाल में आज सुबह भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। कल से अब तक 27 बार आए भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं। अधिकारियों के मुताबिक अधिकतर झटकों की तीव्रता 5 से 7 के बीच रही है।
नेपाल घूमने गए सैलानियों में लगभग 3 लाख लोगों के फंसे होने की आशंका है। भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए NDRF की 10 टीमें काठमांडु पहुंच चुकी हैं।
हिंडन एयरबेस से C-130J सुपर हर्लुकस विमान दवा के साथ राहत सामग्री लेकर नेपाल रवाना हो गया है। भारतीय एयरफ़ोर्स टीमें पीड़ितों की मदद के लिए दवाइयां, मेडिकल हेल्प, कंबल और टैंट पहुंचा रही है।
एयरफ़ोर्स की टीम 10 हेलीकॉप्टर और 12 फ्लाइट नेपाल को राहत सामग्री पहुंचाने के लिए तैनात हैं। गोरखपुर से 3 और MI-17 हेलिकॉप्टर और चार अन्य हेलिकॉप्टर जिनमें दो ध्रुव भी शामिल हैं, नेपाल की मदद में जुटे हैं। 6 MI-17 हेलिकॉप्टर गोरखपुर और 6 दूसरी जगहों पर स्टैंड बाय पर हैं।
भारत की तरफ से नेपाल को राहत पहुँचाने के लिए हिंडन से ग्लोबमास्टर भी नेपाल पहुंचा चुका है। NDRF के 96 जवान और 15 टन राहत सामग्री पहुँच चुके हैं।
भारत की L-76 विमान भी भेजने की तैयारी है।
कई ऐतिहासाकि इमारतें गिर गई हैं। ऐतिहासिक धराहरा टॉवर के मलबे से 200 शवों को निकाला गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कल एक आपात बैठक बुलाई जिसमें नेपाल को हर संभव मदद देने का निर्देश दिया गया था।
भारत में भी भूकंप के कई भीषण झटके महसूस किए गए जिसमें पूरे भारत में 50 से ज्यादा लोगों की म्रत्यू हो गई।