नई दिल्ली: नेपाल में हिरासत में लिए गए दो भारतीय सुरक्षाकर्मियों को रिहा कर दिया गया है। यह दोनों, तस्करों का पीछा करते हुए नेपाल की सीमा में चले गए थे। भारत के सशस्त्र सीमा बल (SSB) के अधिकारी ने बताया कि एसएसबी के 13 सदस्यीय गश्ती दल ने तस्करों का पीछा किया था। इसी दौरान कांस्टेबल रौशन और राम गलती से नेपाल सीमा में चले गए। कोहरे की वजह से वे जगह का अनुमान नहीं लगा सके।
दोनों को नेपाल के अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया था। नेपाली मीडिया ने पहले जानकारी दी थी कि एसएसबी के 13 सुरक्षाकर्मियों को हिरासत में लिया गया है। एसएसबी अधिकारी ने बताया कि दोनों सुरक्षाकर्मियों को अपरान्ह छोड़ दिया गया। वे भारत लौट गए हैं।
द काठमांडू पोस्ट ने पहले बताया था कि नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल (APF) ने भारतीय सुरक्षाकर्मियों को झापा के केछना में हिरासत में लिया। ये सुरक्षाकर्मी तेल तस्करों का पीछा करते हुए नेपाल की सीमा में पहुंच गए थे। इन्हें केछना के एपीएफ शिविर में रखा गया है।
झापा के मुख्य जिला अधिकारी तेज प्रसाद पौडल ने कहा था कि इस बात का पता लगाया जा रहा है कि क्या एसएसबी के जवान गलती से नेपाल की सीमा में आ गए थे।
शुरुआती रिपोर्ट में बताया गया था कि स्थानीय लोगों ने बताया कि एसएसबी कर्मियों ने तस्करों की तलाश के दौरान मोहम्मद आलम नामक एक नेपाली को पीटा था। एसएसबी कर्मी आलम के घर में तलाशी ले रहे थे। एपीएफ टीम तुरंत ही आलम के घर पहुंच गई थी और भारतीयों को हिरासत में ले लिया था।
नेपाल में मधेसी आंदोलन की वजह से भारत-नेपाल सीमा पर नाकेबंदी जैसे हालात हैं। नेपाल में जरूरी चीजों की कमी हो गई है। इस वजह से सीमावर्ती इलाकों में बड़े पैमाने पर पेट्रोल-डीजल की तस्करी हो रही है।
द काठमांडू पोस्ट ने यह भी बताया है कि नेपाल के कंचनपुर में भारतीय नंबर प्लेट वाली एक जीप में तोड़फोड़ की गई। इस मामले में पांच माओवादियों को हिरासत में लिया गया है। नेपाल पुलिस ने इस जीप को अपनी सुरक्षा में भारत पहुंचाया।