नई दिल्ली: भूकंप प्रभावित नेपाल में राहत कार्य में लगे कार्यकर्ताओं के एक दल ने दिल्ली की एक तंबू बनाने और एक्सपोर्ट करने वाली कंपनी पर टूटे और खराब गुणवत्ता के तंबू देकर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
राहत कार्यकर्ता ब्रिटेन के फिलिप फ्लक और मलेशिया की सुसान चांग ने इस हफ्ते की शुरुआत में कंपनी से 67 डॉलर की कीमत वाले 200 तंबू और लोहे की छड़ें मंगाईं थीं। राहत कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें सामान डिलीवरी की तय तारीख से एक दिन बाद मिला, लेकिन तंबू खरीद से पहले भेजी गईं तस्वीरों से पूरी तरह अलग थे।
फ्लक ने दो जून को इंटरनेट पर डाले गए एक विडियो में कहा कि उनके हर तंबू में छेद थे, हमने कंपनी के मालिक जैन से बात की है। उन्होंने कहा कि आपको पैसे वापस देने का सवाल ही नहीं उठता। सुसान ने कहा कि हमारे साथ धोखाधडी हुई। ये वे तंबू नहीं हैं जो हम चाहते थे। हमने कैनवस टेंट मंगाए थे, लेकिन उन्होंने हमें पीवीसी टेंट दिए।
कंपनी ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि राहत कर्मियों ने 150 जीएसएम एडीपीई टेंट मंगाए थे, जो सबसे सस्ते हैं। इसी बीच कंपनी के निदेशक मोहित जैन ने दावा किया कि उनकी कंपनी पहले ही पैसे वापस कर चुकी है और ऑर्डर गुरुवार शाम तक वापस आ जाने की संभावना है। उन्होंने साथ ही कहा कि उनके पास सभी ब्योरे और ई मेल हैं, जिससे वह साबित कर सकते हैं कि आरोप बेबुनियाद हैं।