नई दिल्ली: नेस्ले इंडिया के उत्पाद मैगी नूडल्स को इसमें हानिकारक तत्वों की मौजूदगी के चलते पूरे देश में चौतरफा विरोध झेलना पड़ रहा है। इस बीच, इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ने इसे सुरक्षित बताया है। नेस्ले के सीईओ पॉल बुलक ने शुक्रवार को कहा कि मैगी नूडल्स खाने के लिहाज से एकदम सुरक्षित हैं।
ग्लोबल सीईओ बॉल बुल्के ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि हमने बाजार से मैगी हटाने का फैसला किया है। बुल्के ने कहा कि पिछले 30 सालों से मैगी भारत में भरोसे का प्रतीक रही है। भारत में मैगी उतनी ही गुणवत्ता रखती है जितनी कि दुनिया के किसी और हिस्से में। हमारे लिए ग्राहकों का भरोसा ही सबसे महत्वपूर्ण है। हम मैगी में एमएसजी नहीं मिलाते हैं। हो सकता है दूसरी चीजों के मिलाने से ये बन जाता हो। भारत में मैगी पूरी तरह सुरक्षित उत्पाद है। हमने मैगी के 1000 से ज्यादा बैच को टेस्ट किया है। हमने पाया कि मैगी खाने के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। हम अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं। ताकि मैगी फिर से लोगों तक पहुंच सके।
बुल्के ने कहा कि हम मैगी के पैकेट से नो एमएसजी का लेबल हटा लेंगे ताकि किसी तरह की भ्रम की स्थिति न रहे। उपभोक्ताओं की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। हमें अभी तक किसी लैब की रिपोर्ट नहीं मिली है। हमें विश्वास है कि हम जल्द से जल्द मैगी को फिर लोगों तक पहुंचाएंगे। हम अपने सभी टेस्ट रिपोर्ट में पारदर्शिता रखेंगे। कुछ वजहों से भ्रम पैदा हो गया है और हम इसे दूर करेंगे। मैगी के सुरक्षित होने के बावजूद हमने फिलहाल इसे हटा लिया है।
वहीं खबर है कि सिंगापुर ने मैगी के कनसाइनमेंट को रोक लिया है। सिंगापुर ने भारत में इसके सभी टेस्ट पूरे हो जाने तक आयात रोक दिया है। भारत के कई राज्यों और शहरों में मैगी पर लगातार पाबंदी के बाद सिंगापुर के एग्री फूड एंड वेटेनरी अथॉरिटी ऑफ सिंगापुर ने ये फैसला लिया है।
वहीं बिहार और मध्य प्रदेश की सरकार ने भी आज मैगी पर बैन लगाने का फैसला लिया है। इन दोनों राज्यों में मैगी के अधिकतर सैंपल फेल हुए हैं।