नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का एक दल पठानकोट वायु सैनिक अड़्डे पर हुए आतंकवादी हमले की जांच करने के लिए पाकिस्तान का दौरा करेगा, एनआईए ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। एनआईए के निदेशक शरद कुमार ने कहा, "हमने उनसे कहा है कि हम एक जांच दल पाकिस्तान भेजना चाहते हैं और उन्होंने हमारे इस प्रस्ताव का स्वागत किया है।" हालांकि इसकी तारीख अभी तय नहीं है।
केन्द्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने आज कहा कि भारतीय एवं पाकिस्तानी जांचकर्ताओं के बीच बैठक सकारात्मक रही है तथा पाकिस्तानी पक्ष ने पठानकोट वायुसेना अड्डे पर हुए हमले के बारे में भारत के निष्कर्षों को नकारा है। बहरहाल उन्होंने कहा कि भारतीय जांच दल के पडोसी देश जाने की अभी कोई तारीख तय नहीं हुई है।
गृह राज्य मंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा, भारतीय एवं पाकिस्तानी जांचकर्ताओं के बीच बैठक सकारात्मक रही। उन्होंने (पाकिस्तानी पक्ष ने) हमारे निष्कर्षों का खंडन नहीं किया। रिजिजू पाकिस्तानी संयुक्त जांच दल (जेआईटी) के पठानकोट आतंकवादी मामले को लेकर भारत दौरे के बारे में एक सवाल का जवाब दे रहे थे। जेआईटी ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों को दर्ज किया।
उन्होंने कहा, सब कुछ ठीक और संतोषप्रद रहा। हमारी एजेंसियों ने जो भी आवश्यक था, किया। पाकिस्तानी दल को कुछ अन्य दस्तावेज सौंपे गये हैं जिनमें सुरक्षा बलों के साथ 80 घंटे तक चली मुठभेड़ में मारे गये चार आतंकवादियों की डीएनए रिपोर्ट शामिल है।
यह पूछे जाने पर कि दो जनवरी को पठानकोट हमले के सिलसिले में भारतीय दल कब पाकिस्तान जाएगा, रिजिजू ने कहा कि पडोसी देश के दौरे के लिए अभी तक कोई तारीख तय नहीं की गयी है। रिजिजू ने इससे पहले पाकिस्तानी दल के पठानकोट वायुसेना ठिकाने के दौरे का बचाव करते हुए कहा था कि राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी एवं शिवसेना ने पाकिस्तानी जेआईटी के दौरे की इजाजत देने को लेकर आलोचना की थी।