नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के एक अधिकारी की बिजनौर में आज तड़के मोटरसाइकिल सवार 2 अज्ञात बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी तथा उनकी पत्नी को घायल कर दिया। केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इस दुस्साहसिक वारदात के बारे में एनआई के अधिकारियों के साथ बात करके आवश्यक निर्देश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) भगवान स्वरूप ने आज बताया कि एनआईए के अधिकारी तंजील अहमद एक विवाह समारोह में शिरकत करके सहसपुर लौट रहे थे, तभी रात करीब पौने एक बजे मोटरसाइकिल सवार दो बदमाशों ने उन पर गोलियों की बौछार कर दी। अहमद को अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गम्भीर रूप से घायल उनकी पत्नी फरजाना का नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।
इस बीच, गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनउ में संवाददाताओं से कहा कि उन्हें वारदात की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा इस मामले में जो भी जरूरी होगा, किया जाएगा। हम (एनआईए के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ) बात कर रहे हैं। एनआईए के महानिरीक्षक संजीव कुमार ने दिल्ली में कहा कि अहमद पर हुआ हमला सुनियोजित था। उन्होंने कहा कि इस वक्त उत्तर प्रदेश की पुलिस, आतंकवाद रोधी दस्ता, राष्ट्रीय जांच एजेंसी तथा विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फॉरेंसिक लैब) का दल मौके पर मौजूद है।
इस बीच, प्रदेश के पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद ने कहा कि स्पेशल टास्क फोर्स (STF) तथा आतंकवाद रोधी दस्ते (ATS) के महानिरीक्षक को बिजनौर भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस एनआईए के अधिकारियों के साथ तालमेल से काम कर रही है। हम इसकी गहराई तक जाएंगे और हत्यारों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करेंगे। इस बीच, अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) दलजीत चौधरी ने बताया कि राज्य की सभी सीमाओं को सील कर दिया गया है और हत्यारों को पकड़ने के लिये पासपड़ोस के गांवों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
एनआईए अधिकारी की हत्या के आतंकवादियों द्वारा अंजाम दिये जाने की आशंका सम्बन्धी सवाल पर उन्होंने कहा अभी यह कहना जल्दबाजी होगी। इस वक्त किसी भी चीज को ना तो नकारा जा सकता है और ना ही स्वीकारा जा सकता है। फिलहाल हम इसे एक हत्या के रूप में ही ले रहे हैं लेकिन मामले की हर नजरिये से जांच की जा रही है।
उन्होंने बताया हम अभियुक्तों तथा इस हत्याकाण्ड के पीछे रहे मकसद के बारे में पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की टीमें पहले से ही बिजनौर में हैं। हम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि हत्याकाण्ड में नौ एमएम की जिस पिस्तौल का इस्तेमाल हुआ, वह देशी थी या विदेशी। यह निश्चित रूप से एक सुनियोजित हमला था।