श्रीनगर: जम्मू एवं कश्मीर के तनावग्रस्त हंदवाड़ा शहर से छह दिनों बाद यानी मंगलवार को प्रतिबंध पूरी तरह हटा लिया गया। यह निर्णय सुबह में कर्फ्यू में 4 घंटों के लिए दी गई ढील के दौरान माहौल शांतिपूर्ण रहने के बाद लिया गया है। सुबह आठ बजे से चार घंटों के लिए कर्फ्यू में ढील दी गई थी। इस दौरान बाजार खुले और जनजीवन पटरी पर लौट आया।
श्रीनगर में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "छह दिनों के बाद आज हंदवाड़ा शहर में जनजीवन फिर से सामान्य हो गया है। शहर से पूरी तरह कर्फ्यू हटाने का निर्णय लिया गया है।" उधर, नागरिक प्रशासन ने करीब 20 वर्षो बाद शहर के हंदवाड़ा चौक से कंकरीट निर्मित एक सैन्य बंकर भी हटा लिया है। आतंकवाद-रोधी राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों ने पिछले मंगलवार को उस वक्त इस बंकर को खाली कर दिया था, जब भीड़ ने इस पर हमला कर इसे आंशिक रूप से फूंक दिया था। हंदवाड़ा में पिछले मंगलवार को उस वक्त माहौल तनावपूर्ण हो गया था, जब एक स्कूली छात्रा से एक सैनिक द्वारा कथित तौर पर छेड़छाड़ करने की अफवाहें उड़ीं।
इसके विरोध में हंदवाड़ा व कुपवाड़ा जिले से लगते इलाकों में लोग सड़कों पर उतर आए थे, जिनकी सुरक्षाबलों के साथ हिंसक झड़प भी हुई और उसी दौरान सुरक्षाबलों की गोलीबारी में पांच लोगों की मौत हो गई थी। स्कूली छात्रा को बाद में राज्य के उच्च न्यायालय के आदेश पर हंदवाड़ा के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) के समक्ष पेश किया गया था, जहां उसने अपनी गवाही में सैनिक पर लगाए गए छेड़छाड़ के आरोपों को गलत बताया। उसने बताया कि शहर में ऐसी झूठी खबरें फैलाने के पीछे कुछ स्थानीय युवक हैं।
पुलिस ने उसके बयान के आधार पर सोमवार को शहर में छेड़छाड़ की झूठी अफवाहें फैलाने के आरोप में स्थानीय युवक हिलाल अहमद बंडे को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, कुपवाड़ा जिलाधिकारी राजीव राजन ने हंदवाड़ा बवाल के दौरान आक्रोश भड़काने के आरोप में जिले के पांच सरकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।