भुवनेश्वर: ओडिशा में रविवार को कोरोना वायरस संक्रमण की पांच नये मामलों की पुष्टि होने के बाद प्रदेश में इस बीमारी से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 162 हो गयी है। जिन पांच लोगों में आज इस वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुयी है उनमें से दो गुजरात एवं दो पश्चिम बंगाल से लौटे हैं। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से प्राप्त जानकारी में कहा गया है कि प्रदेश में गंजम जिले में दो मामले जबकि झारसुगुड़ा, बालासोर तथा क्योंझर जिलों से एक-एक मामले सामने आये हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि कोविड-19 का सबसे ताजा मामला क्योंझर जिले के हाटादीही से है जहां 30 साल के एक व्यक्ति में इसकी पुष्टि हुयी है। संक्रमित व्यक्ति हाल ही में कोलकाता से लौटा है और उसमें बीमारी के लक्षण नहीं थे। अधिकारी ने कहा कि उसकी यात्रा के इतिहास को देखते हुये उसे पृथक-वास में भेजा गया था। जिले में अब कोरोना वायरस के दो मामले हो गये हैं। इसी प्रकार बालासोर जिले में भी 34 साल के एक व्यक्ति में संक्रमण की पुष्टि हुयी है। उसका कोलकाता का यात्रा इतिहास है।
इसके साथ ही जिले में कुल 21 लोग संक्रमित हो गये हैं। गंजम जिले में दो प्रवासी श्रमिकों में इसकी पुष्टि हुयी है। ये दोनों (17 और 22साल) हाल ही में गुजरात से लौटे हैं। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक का यह गृह जिला अब तक ग्रीन जोन में था और अब दो लोगों में वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुयी है। इसके साथ ही ओड़िशा के 30 जिलों में से 16 जिले संक्रमण की चपेट में हैं ।
एक अधिकारी ने बताया कि शनिवार को कुल 2,065 नमूनों की जांच की गयी । राज्य में अब तक 38, 658 नमूनों की जांच हो चुकी है । प्रदेश में 105 लोगों का इलाज चल रहा है जबकि 56 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। वहीं, इससे इतर प्रवासियों द्वारा ओडिशा में लॉकडाउन निर्देशों का उल्लंघन करने की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार ने रविवार को कहा कि पृथक-वास के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार भी किया जा सकता है।
मुख्य सचिव ए के त्रिपाठी ने कहा कि राज्य के साढ़े चार करोड़ लोगों को सुरक्षित रखने के लिए की गई तैयारियों को मुट्ठी भर लोगों की अनुशासनहीनता के कारण बर्बाद नहीं होने दे सकते। उन्होंने कहा,'पृथकवास के दिशानिर्देशों को सख्ती से लागू किया जाएगा।” त्रिपाठी ने संवाददाताओं से कहा कि उपद्रव करने वाले अनुशासनहीन लोगों को अपने-अपने क्षेत्रों से दूर के पृथक-वास केंद्रों में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।