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ओडिशा में सामने आए कोविड-19 के 3,806 नए मामले, 37 लोगों की मौत

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jun 18, 2021 04:03 pm IST,  Updated : Jun 18, 2021 04:03 pm IST

ओडिशा में शुक्रवार को कोविड-19 से 37 और लोगों की मौत होने से मृतक संख्या 3,508 हो गयी है। वहीं, संक्रमण के 3,806 नए मामले आये जिससे संक्रमितों की संख्या बढ़कर 8,70,498 हो गयी है।

Odisha logs 3,806 new COVID-19 cases, 37 more deaths- India TV Hindi
ओडिशा में शुक्रवार को कोविड-19 से 37 और लोगों की मौत होने से मृतक संख्या 3,508 हो गयी है। Image Source : PTI

भुवनेश्वर: ओडिशा में शुक्रवार को कोविड-19 से 37 और लोगों की मौत होने से मृतक संख्या 3,508 हो गयी है। वहीं, संक्रमण के 3,806 नए मामले आये जिससे संक्रमितों की संख्या बढ़कर 8,70,498 हो गयी है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य में वर्तमान में 43,338 उपचाराधीन मरीज हैं और 8,23,599 लोग स्वस्थ हुए हैं। नए मामलों में 2,172 की पुष्टि पृथक-वास केंद्रों में हुई जबकि शेष 1,634 स्थानीय स्तर पर संक्रमित हुए। खुर्दा में सबसे अधिक 617 मामले आये। इसके बाद कटक में 393 और जाजपुर में 346 मामले आये। भुवनेश्वर खुर्दा जिले में स्थित है। 

खुर्दा, कटक, जाजपुर और बालासोर जिलों के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 2,500 से अधिक उपचाराधीन मामलों के साथ ये जिले ‘रेड जोन’ में हैं और संक्रमण दर 7.5 प्रतिशत से अधिक है। अधिकारी ने बताया कि राज्य में कोरोना संक्रमण दर 5.86 प्रतिशत है। खुर्दा जिला में सबसे अधिक पांच लोगों की मौत हुई है। इसके बाद कटक, झारसुगौडा और कालाहांडी में चार-चार लोगों की मौत हुई है। राज्य में पिछले 24 घंटे में 64,850 नमूनों की जांच हुई है।

वहीं ओडिशा की निवासी पद्मश्री से सम्मानित कवयित्री पूर्णमासी जानी को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के सूत्रों ने कहा कि 83 वर्षीय जानी दो दिन पहले कंधमाल जिले के अपने पैतृक गांव चरीपदा में बीमार पड़ गई थीं। उनकी कोविड-19 जांच की गई, जिसमें उनके वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। उन्हें हल्का वायरल बुखार था। 

जिले की मुख्य चिकित्सा अधिकारी राजश्री पटनायक ने कहा कि जानी की स्थिति स्थिर है। आदिवासी संस्कृति और कला में योगदान के लिये पद्मश्री से सम्मानित जानी को आदिवासी आध्यात्मिक गतिविधियों के गहरे ज्ञान के लिये 'ताडीसोरू बाई' के नाम से जाना जाता है। 

उन्हें आयु संबंधी रोगों के चलते मई में फूलबनी में एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था और एक सप्ताह बाद छुट्टी दे दी गई थी। जानी के शुभचिंतकों, संबंधियों के अलावा विभिन्न संगठनों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

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