नई दिल्ली: ओणम केरल का एक प्रमुख त्योहार है। केरल का यह सबसे लोकप्रिय त्योहार 27-28 अगस्त को है। इस दिन लोग फूलों से घरों को सजाते हैं। महिलाए इस दिन को खूब नाच-गा कर मनाती हैं और पुरूष नौका-दौड़ में सम्मिलित होते हैं। इन लोगों का मानना है कि इस दिन इनके राजा महाबली इन्हें आशीर्वाद देने पाताल लोक से आते हैं। यह त्योहार उनके राजा की याद मे मनाया जाता है। यह 10 दिनों तक चलाता है और इस दौरान हर दिन घरों में फूलों की रंगोली बनाई जाती है।
ओणम का त्योहार केरल में खुशी, उत्साह और आनन्द का माहौल लेकर आता है। प्रकृति की सुन्दरता अपने चरम पर होती है, वातावरण मे उत्सव का माहौल होता है, लोग इस त्योहार का आनंद लेते हैं और भरपूर मनोरंजन करते हैं। यह ओणम त्योहार का ही अवसर होता है जिसे केरलवासी सबसे अधिक प्यार करते हैं और बहुत अच्छी तरह मनाते है।
दस दिनों तक चलने वाले त्योहार ओणम के पहले नौ दिन घरों को फूलों और रंगोली से सजाया जाता है और दसवें दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। यह वह समय होता है जब हाथियों की शोभायात्रा, शास्त्रीय नृत्य और लोक नृत्य, संगीत की प्रस्तुतियों, सांस्कृतिक स्पर्धाओं, नौका दौड़ सहित अन्य अनेक कार्यक्रम देखने को मिलते हैं।
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