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एक रात के लिए बनती हैं दुल्हन, दूसरे दिन करती हैं विधवा बनकर विलाप!

 Written By: India TV News Desk
 Published : Nov 03, 2015 10:47 am IST,  Updated : Nov 03, 2015 10:52 am IST

नई दिल्ली: आपको जानकर हैरानी होगी कि किन्नर भी शादी करते हैं और ताज्जुब की बात तो यह है कि यह शादी सिर्फ एक रात के लिए होती है और वह भी इनके अपने भगवान

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एक रात के लिए बनती हैं दुल्हन, दूसरे दिन करती हैं विधवा बनकर विलाप!

नई दिल्ली: आपको जानकर हैरानी होगी कि किन्नर भी शादी करते हैं और ताज्जुब की बात तो यह है कि यह शादी सिर्फ एक रात के लिए होती है और वह भी इनके अपने भगवान से। किन्नर अथवा हिजड़े न तो पूर्ण रूप से पुरुष होते हैं और न महिला इसलिए इनका अलग ही संप्रदाय होता है और माना जाता है यह अविवाहित रहते हैं।

किन्नरों के भगवान हैं अर्जुन और नाग कन्या उलूपी की संतान इरावन जिन्हें अरावन के नाम से भी जाना जाता है।

इरावन किन्नरों के भगवान कैसे बने और यह उनसे क्यों एक रात के लिए विवाह करते हैं इसकी एक अजब कहानी है जो महाभारत के युद्ध से संबंधित है। लेकिन इस कहानी से पहले आपको बता दें कि कहां होती है किन्नरों की एक रात की शादी और फिर क्या होता है।

कहां होती है किन्नरों की एक रात की शादी

किन्नरों की शादी का जश्न देखना है तो आपको तमिलनाडु के कूवगाम जाना होगा। यहां हर साल त‌मिल नव वर्ष की पहली पूर्णिमा से किन्नरों के विवाह का उत्सव शुरु होता है जो 18 दिनों तक चलता है। 17 वें दिन किन्नरों की शादी होती है। सोलह श्रृंगार किए हुए किन्नरों को पुरोहित मंगलसूत्र पहनाते हैं और इनका विवाह हो जाता है।

विवाह के अगले दिन इरवन देवता को की मूर्ति को शहर में घुमाया जाता है और इसके बाद उसे तोड़ दिया जाता है। इसके साथ ही किन्नर अपना श्रृंगार उतारकर एक विधवा की तरह विलाप करने लगती है।

अगली स्लाइड में पढ़ें विवाह से लेकर विधवा होने तक की कहानी का रहस्य

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