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‘वन रैंक, वन पेंशन’ पर सरकार और पूर्व सैनिकों में बनी सहमति'

 Written By: Bhasha
 Published : Sep 03, 2015 07:12 am IST,  Updated : Sep 03, 2015 07:12 am IST

नई दिल्ली: ऐसा लगता है कि ‘वन रैंक, वन पेंशन’ के मुद्दे पर पूर्व सैनिकों और सरकार ने अपने बड़े मतभेद सुलझा लिए हैं । इन अटकलों ने तब जोर पकड़ा जब पूर्व सैनिकों ने

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‘वन रैंक, वन पेंशन’ पर बनी सहमति?

नई दिल्ली: ऐसा लगता है कि ‘वन रैंक, वन पेंशन’ के मुद्दे पर पूर्व सैनिकों और सरकार ने अपने बड़े मतभेद सुलझा लिए हैं । इन अटकलों ने तब जोर पकड़ा जब पूर्व सैनिकों ने कहा कि वे हर साल पेंशन की समीक्षा की अपनी मांग की बजाय हर दो साल पर पेंशन की समीक्षा को स्वीकार कर सकते हैं ।

पिछले 80 दिनों से जंतर मंतर पर ‘वन रैंक, वन पेंशन’ के मुद्दे पर जारी प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे और युद्ध में हिस्सा ले चुके सेवानिवृत मेजर जनरल सतबीर सिंह ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से उन्हें सरकार से सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं । हालांकि, उन्होंने यह बात नहीं कही कि सरकार से बातचीत में कोई सफलता मिली है ।

सिंह ने कहा कि यह मुद्दा तोल-मोल वाला नहीं है और ‘वन रैंक, वन पेंशन’ की अवधारणा के दोनों तत्वों में दखल नहीं दिया जा सकता । उन्होंने कहा कि एक बार हमें यह पता चल जाए कि सरकार क्या पेशकश करने वाली है, तभी हम किसी समझौते पर पहुंच सकते हैं । उन्होंने कहा कि समीक्षा की तारीख निश्चित तौर पर एक अप्रैल 2014 से होनी चाहिए ।

इस मुद्दे पर मध्यस्थता कर रहे निर्दलीय सांसद राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि यह वक्त है कि जल्द से जल्द कोई समाधान निकले और पूर्व सैनिक पूरे सम्मान एवं गरिमा के साथ अपने घर लौटें । उन्होंने पूर्व सैनिकों से अनुरोध किया कि वे हर तीन साल पर पेंशन की समीक्षा को स्वीकार कर लें।

इस बीच, सेवानिवृत कर्नल पुष्पेंद्र सिंह, जिनकी तबीयत थोड़ी खराब है पर इरादा पक्का है, ने अपना आमरण अनशन फिर से शुरू कर दिया । आर्मी अस्पताल से छुट्टी मिलने के कुछ ही घंटों बाद उन्होंने जंतर मंतर पर अनशन फिर से शुरू कर दिया ।

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