नई दिल्ली: विवादास्पद भूमि अधिग्रहण विधेयक का अध्ययन कर रही संसद की संयुक्त समिति ने आज समिति का कार्यकाल बजट सत्र की शुरूआत तक नये सिरे से बढ़ाने की मांग करने का फैसला किया।
सूत्रों ने कहा कि समिति के सदस्यों ने बैठक में और समय बढ़ाये जाने की मांग उठाई क्योंकि विधेयक के विभिन्न प्रावधानों पर कुछ राज्यों ने ही अपनी प्रतिक्रिया दी है। लोकसभा ने समिति का कार्यकाल 30 नवंबर को शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन तक बढ़ाया था।
एक सूत्र ने कहा, हमें विधेयक पर प्रत्येक राज्य की राय प्राप्त करनी होगी। बैठक में विपक्ष के अधिकतर सदस्यों ने भाग लिया, लेकिन कांगे्रस के जयराम रमेश उपस्थित नहीं थे। समिति के अध्यक्ष एस एस अहलूवालिया ने खुद कहा कि समिति नये सिरे से कार्यकाल बढ़ाने की मांग करेगी। इससे पहले राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने कहा था कि समिति द्वारा राज्यों को भेजी गयी प्रश्नावली पर कई राज्यों ने अभी जवाब नहीं दिया है।
समिति द्वारा आज समयसीमा बढ़ाये जाने की मांग करने का फैसला किये जाने के बाद अब लोकसभा की जल्द मंजूरी पाने के लिए उसके समक्ष प्रस्ताव रखा जाएगा। इस संबंध में समिति के अध्यक्ष अहलूवालिया को सदन में एक प्रस्ताव लाना होगा।