पठानकोट: पठानकोट एयरबेस पर कॉम्बिंग का काम आज भी जारी रहा। आतंकियों के शव और उनके कब्जे से बरामद हथियार और गोलियों को मैदान में रखा गया था। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी थी कि एयरबेस का क्षेत्रफल बड़ा होने की वजह से और एयरबेस में रहने वाले 3000 परिवारों की सुरक्षा के मद्देनज़र कॉम्बिंग का काम काफी एहतियात के साथ किया जा रहा है और यह कल तक जारी रह सकता है। मौजूद सभी विस्फोटकों को निष्क्रिय करने का काम पूरी मुस्तैदी से किया जा रहा है।
पाक प्रधानमंत्री ने किया आतंकी गुटों के खिलाफ कार्रवाई का वायदा
इससे पहले आज पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर पठानकोट वायुसेना अड्डे पर हुए हमले से जुड़े आतंकवादी समूहों के खिलाफ 'त्वरित और निर्णायक कार्रवाई' का वादा किया। शरीफ इस वक्त श्रीलंका के दौरे पर हैं। शरीफ ने भारत द्वारा पाकिस्तान को आतंकवादियों के बारे में 'निश्चित और कार्रवाई योग्य जानकारियां' देने के बाद मोदी को यह भरोसा दिलाया है।
पठानकोट एयरबेस पर हमला करने वाले छह आतंकियों के पाकिस्तानी होने के संकेत
पठानकोट वायुसेना अड्डे पर हमले में शामिल छह आतंकवादी मारे गए हैं। माना जा रहा है कि ये सभी पाकिस्तानी थे। हमले में सात सुरक्षाकर्मी भी शहीद हुए हैं। इस हमले की जिम्मेदारी सोमवार को पाकिस्तान स्थित कश्मीरी आतंकवादी समूहों के समन्वयक संगठन, युनाइटेड जेहाद कौंसिल (यूजेसी) ने ली थी। यूजेसी का सरगना सैयद सलाहुद्दीन है।
शरीफ से की गई थी आतंकी गुटों पर त्वरित कार्रवाई की मांग
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि शरीफ ने मंगलवार अपराह्न् पठानकोट में आतंकवादी हमले के मामले में मोदी को फोन किया। बयान में कहा गया है, "मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान पठानकोट आतंकवादी हमले से जुड़े संगठनों और व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी और त्वरित कार्रवाई करे।"
पाकिस्तान को दी गईं कार्रवाई योग्य जानकारियां
रेडियो पाकिस्तान की रपट के मुताबिक, शरीफ ने मोदी से फोनवार्ता में पठानकोट आतंकी हमले में हुई जानों के नुकसान पर गहरा शोक जताया। रपट में कहा गया है कि शरीफ ने कहा कि आतंकवादियों की हमेशा कोशिश रहती है कि दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया को पटरी से उतार दिया जाए। रपट में कहा गया है कि शरीफ ने कहा, "पाकिस्तान, भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारियों के आधार पर ठोस जांच करेगा।"
दोनों देशों की सचिव स्तर की बैठक पर खतरे के बादल
इसी महीने दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच बैठक होनी है। लेकिन, पठानकोट हमले के बाद से इस वार्ता के भविष्य पर सवाल उठने लगा है। इस हमले को भारत और पाकिस्तान के सुधरते रिश्तों पर हमला भी कहा जा रहा है।