पठानकोट/नई दिल्ली: केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार शाम ट्वीट करके सभी पांचों आतंकवादियों के मारे जाने की सूचना दी। पंजाब के पठानकोट शहर के पास स्थित वायुसेना के एक अग्रिम अड्डे पर, कथित तौर से पाकिस्तान से आए आतंकवादियों द्वारा शनिवार तड़के किया गया हमला लगभग 15 घंटे चली मुठभेड़ के बाद समाप्त हो गया। पुलिस सूत्रों ने कहा कि इस हमले में वायुसेना के कम से कम तीन जवान शहीद हो गए और चार अन्य घायल हो गए हैं। आतंकवादी हमला शनिवार तड़के लगभग 3.30 बजे शुरू हुआ था। जवाबी कार्रवाई लगभग 15 घंटे तक चली।
पांचों आतंकियों को मार गिराने पर गृहमंत्री ने सुरक्षा बलों को दी बधाई
राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, "पठानकोट अभियान में सभी पांचों आतंकवादियों को मार गिराने के लिए मैं अपने सशस्त्र बलों और अन्य सुरक्षा बलों को बधाई देता हूं।" उन्होंने कहा, "हमने पठानकोट हमले में सुरक्षाकर्मियों को खोया भी है। उनके परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक शोकसंवेदना। हम उनकी कुर्बानी कभी नहीं भुला सकते।"
करीब 15 घंटे तक चली सुरक्षा बलों की कार्रवाई
यद्यपि चार आतंकवादियों के मारे जाने के बाद गोलीबारी सुबह लगभग नौ बजे रुक गई थी, लेकिन 11.30 बजे गोलीबारी और हथगोलों के फटने की आवाजें दोबारा सुनाई देने लगीं। जवाबी कार्रवाई लगभग 15 घंटे बाद समाप्त हुई, क्योंकि जीवित बचा एक आतंकवादी सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ कर रहा था।
आतंकी नहीं पहुंच सके महत्वपूर्ण इलाकों तक
वायुसेना सूत्रों ने कहा कि मिग-21 बाइसन लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, मिसाइल तथा वायुसेना के अन्य महत्वपूर्ण संसाधन सुरक्षित हैं और आतंकवादियों को तकनीकी इलाके के निकट नहीं पहुंचने दिया गया। वायुसेना ने नई दिल्ली में जारी एक बयान में कहा कि प्रभावी अभियान और समन्वित प्रयासों के कारण मूल्यवान संपत्तियों को नष्ट करने की आतंकवादियों की साजिश नाकाम कर दी गई।
राजनाथ सिंह ने कहा, आतंकवाद का मुंहतोड़ जवाब देंगे
ऐसे में राजनाथ ने सधी हुई प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पड़ोसी देश के साथ जहां शांति की बात की, वहीं ऐसे आतंकवादी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने की भी बात कही। राजनाथ ने नई दिल्ली में कहा, "पाकिस्तान हमारा पड़ोसी है। हम शांति चाहते हैं, लेकिन भारत पर हुए किसी भी आतंकवादी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।" गृहमंत्री ने कहा, "यह भयानक हो सकता था। मैं अपने सुरक्षा बलों को उनकी बहादुरी और आतंकवादियों से निपटने के उनके तरीके के लिए बधाई देता हूं।"
आतंकवादियों की संभावित घुसपैठ की खूफिया सूचना मिली थी
वायुसेना ने कहा कि आतंकवादियों के घुसते ही हवाई चौकसी प्रणाली ने उनके बारे में सूचना दे दी थी। बयान में कहा गया है कि सैन्य ठिकाने में आतंकवादियों के संभावित घुसपैठ के बारे में खुफिया जानकारी प्राप्त हुई थी और इस तरह की किसी कोशिश को नाकाम करने की पूरी तैयारी थी। बयान में कहा गया है कि पश्चिमी वायु कमान प्रमुख, एयर मार्शल एस.बी. देव घटनास्थल पर मौजूद थे और उन्होंने खुद सूचना के आदान-प्रदान और अभियान के लिए सेना, एनएसजी और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय स्थापित किया और पूरे घटनाक्रम की निगरानी की।
एनएसजी के कमांडो शुक्रवार शाम ही पहुंच गए थे
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल नई दिल्ली से इस आतंकवादी हमले पर नजर रखे हुए थे। हमले की आशंका के मद्देनजर राष्ट्रीय सुरक्षा गार्डस (एनएसजी) के कमांडो शुक्रवार शाम ही यहां पहुंच गए थे। एनएसजी के कमांडो, वायुसेना के गरुड़ कमांडो तथा सेना के कमांडो ने आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई का नेतृत्व किया। समझा जाता है कि आतंकी यहां से 30 किलोमीटर दूर पाकिस्तान से सीमा पार कर भारत में घुस आए थे।
आतंकी भाग न सकें, इसके लिए पंजाब पुलिस ने बनाया था घेरा
पंजाब पुलिस व उसके खास स्वात कमांडो इकाइयों ने बाहरी घेरा बनाकर अभियान में मदद की, ताकि कोई भी आतंकवादी भाग न पाए। वायुसेना अड्डे के पास स्थित पंजाब पुलिस के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "आतंकवादियों को वायुसेना अड्डे के एक सीमित इलाके में घेर लिया गया था। वे तकनीकी इलाके तक नहीं पहुंच पाए, जहां विमान और अन्य साजो-सामान मौजूद थे।"
आतंकी हमले के पीछे आतंकवादी संगठन जैश-ए-मुहम्मद का हाथ होने की आशंका
खुफिया अधिकारियों ने कहा कि फिदायीन हमले में शामिल आतंकवादी पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मुहम्मद (जेईएम) के सदस्य हो सकते हैं। सेना की वर्दी में आए आतंकवादियों की संख्या शुरू में चार से छह बताई गई थी। वायुसेना के दो लड़ाकू हेलीकॉप्टरों और यूएवी को तलाशी अभियान में सुरक्षाबलों की मदद करते देखा गया।
वायुसेना ने शुक्रवार शाम को ही लोगों को किया था सतर्क
स्थानीय निवासी अशोक मेहता ने मीडिया से कहा, "वायुसेना ने शुक्रवार लगभग शाम पांच बजे चौक के पास अवरोधक लगा दिए थे। स्थानीय निवासियों को सतर्क कर दिया गया था और घर के अंदर रहने के लिए कहा गया था। गोलीबारी की पहली आवाज तड़के तीन बजे के बाद सुनी गई और उसके बाद पांच-छह घंटों तक गोलीबारी की आवाजें सुनाई देती रहीं।"
पांच महीने में पाक आतंकियों का दूसरा हमला
पंजाब के उत्तरी हिस्से में मात्र पांच महीने के भीतर यह पाकिस्तानी आतंकवादियों का दूसरा हमला है। इसके पहले पंजाब के गुरदासपुर जिले में 27 जुलाई, 2015 को दीनानगर कस्बे में आतंकवादी हमला हुआ था, जिसमें एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सहित सात लोग मारे गए थे।
रक्षामंत्री और एनएसए ने की हालात की समीक्षा
रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने एनएसए अजीत डोभाल और सेना की तीनों शाखाओं के प्रमुखों से नई दिल्ली में मुलाकात की और आतंकवादी हमले के मद्देनजर हालात की समीक्षा की।
पाकिस्तान ने की आतंकी हमले की निंदा
इस बीच इस्लामाबाद में जारी एक बयान में पाकिस्तान के विदेश विभाग ने आतंकवादी हमले की निंदा की और हमले में मारे गए भारतीय जवानों के परिजनों और भारत सरकार के प्रति हार्दिक संवेदना प्रकट की। पाकिस्तान रेडियो के अनुसार, जारी बयान में कहा गया है, "दोनों देशों के बीच हाल में स्थापित हुए उच्चस्तरीय संपर्क के दौरान बने सद्भाव पर आगे बढ़ते हुए पाकिस्तान दक्षिण एशिया क्षेत्र से आतंकवाद के खात्मे के लिए भारत के साथ साझेदारी को पूरी तरह वचनबद्ध है।"
राहुल गांधी ने हमले की कड़ी निंदा की
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, "पठानकोट वायुसेना अड्डे पर हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता हूं। हमले में शहीद हुए बहादुर सैनिकों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी शोकसंवेदना।" कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "पिछले कुछ महीनों के दौरान पंजाब में आतंकवादी हमलों में अचानक इजाफा क्यों हो गया? राज्य में बीते 20 वर्षो से शांति थी।" दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी हमले की निंदा की।
