नई दिल्ली: पंजाब के पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन पर सुबह 3 बजे 5 आतंकियों ने हमला कर दिया। करीब 5 घंटे तक चले एनकाउंटर में आत्मघाती हमले के 4 आतंकियों को सेना ने मार गिराया, जबकि 1 आतंकी घायल हुआ है। हमला आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने किया। मुठभेड़ में एयरफोर्स के 2 जवान शहीद हो गए और 6 जवान घायल हुए हैं। आर्मी इस हमले को आईएसआई और उसके आतंकियों को पलटवार के तौर पर देख रही है। दरअसज आईएसआई भारत पाक की दोस्ती नहीं चाहती है और जब से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाक पीएम नवाज शरीफ की दोस्ताना मुलाकात हुई थी तब से भारतीय सेना को लग रहा था कि भारत पर आतंकी हमला हो सकता है।
गौरतलब है कि जब जब भारत पाक की दोस्ती पर बात आगे बढ़ती है तो पाक में बैठे आतंकी और उनके आका भारत पर इस तरह के हमले करवाते हैं जिसके चलते दोनों ही देशों के संबंध खराब होते रहे हैं, इससे पहले जब भारत कीर तरफ से लाहौर की बस यात्रा की पहल कारगिल जंग की वजह से खत्म हो गई थी। पाकिस्तान से रिश्तों का यही पैटर्न है।
पाक के बवाहलपुर से आए आतंकी
जानकारी के मुताबिक, सभी आतंकी पाकिस्तान के बहावलपुर से आए थे। भारतीय सीमा में नाले के रास्ते घुसे थे आतंकी। इंटेलिजेंस एजेंसियों के मुताबिक, हमला करने आए आतंकियों ने शुक्रवार रात 12 से 12:45 बजे के बीच पाकिस्तान में अपने हैंडलर्स से बात की थी। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, आतंकी पाकिस्तान के बहावलपुर से आए थे।
सेना का डर सच निकला, आईएसआई और उनके आतंकी पलटवार किया
आर्मी का कहना है कि 25 दिसंबर को पीएम का लाहौर दौरा हुआ था, तब से हमें डर लग रहा था कि आईएसआई और उनके आतंकी जरूर पलटवार करेंगे। उन्होंने कहा कि एक बार हमारी लाहौर की बस यात्रा की पहल कारगिल जंग की वजह से खत्म हो गई थी। पाकिस्तान से रिश्तों का यही पैटर्न है।
पंजाब के अंदर दहशत फैलाने में आईएसआई का पहले से रोल रहा है। पाकिस्तान, बॉर्डर पर सिक्युरिटी गैप का फायदा उठाकर आतंकियों की घुसपैठ कराता आया है।
बड़ी मुलाकातों के बाद आतंकियों ने किए हमले,देखिए टाइम लाइन
- 11 जुलाई को रूस के उफा में भारत-पाक के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवाज शरीफ के बीच मुलाकात हुई 15 दिन बाद ही 27 जुलाई 2015 को गुरदासपुर पर आतंकियों ने हमला किया था। गुरदासपुर में दीनानगर पुलिस स्टेशन पर हुआ आतंकी हमला मोदी सरकार के कार्यकाल का सबसे बड़ा आतंकी हमला है।
- 8 दिन बाद आतंकियों द्वारा फिर से अटैक किए गए क्योंकी 22 अगस्त को NSA सरताज अजीज भारत में वार्ता के लिए आने वाले थे।
- जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में बीएसएफ के काफिले पर इसी माह की 5 तारीख को आतंकी हमला हुआ। इस हमले में नावेद नामक पाकिस्तानी आतंकी को जीवित पकड़ लिया गया था।
कारगिल युद्ध जैसी स्थिति
- 2013 में तीसरी बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने नवाज शरीफ ने जब भी भारत से संबंध सुधारने चाहे, भारत पर पाक के हमले तेज हो गए। यह सिलसिला लगातार जारी है।
19 फरवरी 1999 : लाहौर बस यात्रा की पहल,पाकिस्तान ने दिया दगा परिणाम कारगिल वॉर
- 19 फरवरी 1999 को नवाज के निमंत्रण पर पहली बार जब वाजपेयी लाहौर गए तो 21 फरवरी को दोनों के शांति-समझौते पर हस्ताक्षरों के कुछ ही समय बाद मई 1999 में तत्कालीन सेनाध्यक्ष मुशर्रफ ने कारगिल पर हमला करवा दिया था।
आगे पढ़ें इससे पहले भी हो चुके हैं इस तरह के हमले