श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट सेवा पर रोक लगने के साथ लोगों को आज ईद उल अज्हा के मौके पर अपने परिजनों और दोस्तों को त्यौहार की शुभकामनाएं देने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। राज्य सरकार ने आज सुबह से शनिवार की रात तक डेटा सेवाएं बंद करने का कल आदेश दिया था। सरकार को आशंका थी कि असामाजिक तत्व सांप्रदायिक तनाव फैलाने के लिए इंटरनेट का दुरूपयोग कर सकते हैं।
प्रतिबंध से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा क्योंकि वे ऐसा ना होने पर इंटरनेट पर सोशल मीडिया साइटों एवं दूसरी सेवाओं के माध्यम से लोगों खासकर विदेशों में रहने वाले अपने मित्रों-परिजनों को ईद की बधाई देते। आयशान अहमद नाम के एक युवक ने कहा, मुझे राज्य और देश के बाहर रहने वाले अपने दोस्तों को शुभकामनाएं देने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मैं देश से बाहर रहने वाले लोगों को फोन पर शुभकामनाएं देने के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल करता और उनसे संपर्क करने के लिए व्हाट्सएप एवं स्काईप जैसी सेवाओं का इस्तेमाल करता लेकिन आज मैं ऐसा नहीं कर पाया।
उसने कहा कि कल सउदी अरब के मीना में हुए हादसे को देखते हुए समस्या और बढ़ गयी। कल हुए हादसे में 700 से अधिक लोग मारे गए। अहमद ने कहा, हमारे परिजन और दोस्त वहां हैं और हम कल की भगदड़ के बाद चिंतित हैं। हमें ईद के मौके पर भी उनसे बात करना थी और हम आमतौर पर इंटरनेट पर अलग अलग एप्लिेकशन के माध्यम से उनसे बात करते थे। प्रतिबंध ने इसे मुश्किल कर दिया।
इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगने से पत्रकारों और दूसरे पेशेवरों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और उनका काम प्रभावित हो रहा है। एक राष्ट्रीय अखबार के लिए काम करने वाले एक फोटो पत्रकार ने कहा, मुझे ईद के जश्न की और कश्मीर में हुए संघर्षों की तस्वीरें भेजनी थी। लेकिन इंटरनेट ना होने के कारण अब मैं कैसे उन्हें भेजूं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुलिस लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और अब तक प्रतिबंध हटाने के लिए कोई फैसला नहीं लिया गया है।