हाजीपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां शनिवार को कहा कि 'शॉर्टकट' से विकास नहीं हो सकता। तत्कालीन आवश्यकता के साथ-साथ लंबे अरसे की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए कोशिश करनी होगी। पटना में पटना उच्च न्यायालय के शताब्दी वर्ष समापन समारोह में शामिल होने के बाद मोदी हाजीपुर पहुंचे।
हाजीपुर के छौंकिया में आयोजित एक कार्यक्रम में तीन रेल-सड़क पुलों का शुभारंभ और शिलान्यास करने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने संकेतों में कांग्रेस के 10 साल के शासन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पुरानी 10 वर्ष की सरकार ने अगर इन योजनाओं को उपेक्षित नहीं किया होता तो ये योजनाएं पांच वर्ष पूर्व पूरी हो गई होतीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के विकास का 'नर्वसेंटर' अब पूर्वी भारत है। इन क्षेत्रों के विकास के बिना देश का विकास संभव नहीं है। उन्होंने रेल और सड़क को विकास की नींव बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार इन दोनों क्षेत्रों के विकास के प्रति कृतसंकल्पित है। मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि भारत के विकास के लिए बिहार का भाग्य बदलना होगा। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर काम करना होगा।
नीतीश कुमार के लिए तब असहज स्थिति पैदा हो गई जब उनके भाषण के बीच में वहां मौजूद लोग मोदी-मोदी के नारे लगाने लगे। इसके बाद पीएम मोदी ने खुद खड़े होकर लोगों को शांत कराया।
इससे पहले पीएम ने दीघा-सोनपुर रेल पुल और मुंगेर में नवनिर्मित रेल-सह-सड़क पुल राष्ट्र को समर्पित किया। इसके अलावा मोकामा में राजेंद्र पुल के सामानंतर एक अतिरिक्त रेल पुल का शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम के दौरान सप्ताह में तीन दिन चलने वाली पाटलिपुत्र-लखनऊ एक्सप्रेस को ही झंडी दिखाकर रवाना किया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, रेलमंत्री सुरेश प्रभु, केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूड़ी, गिरिराज सिंह, रामविलास पासवान भी मौजूद रहे।
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