
छात्रों के सवालों के जवाब-
सवाल- तेलांगना की छात्रा ने पीएम मोदी से पूछा कि आपके जीवन में किसकी छाप रही?
मोदी- किसी एक का असर नहीं रहता है। हर चीज कहीं न कहीं सीखने को मिल जाती है। चूंकि मैं बचपन से जिज्ञासु रहा जिसका मुझे फायदा मिला। शिक्षकों से मेरा खास लगाव रहा। मैें बचपन में समय को काटने के लिए लाइब्रेरी चला जाता था। मुझे वहां स्वामी विवेकानंद को पढ़ने का मौका मिला। इसलिए मुझे लगता है कि पुस्तकों ने मुझे काफी प्रभावित किया।
सवाल- जवाहर नवोदय विद्यालय के आठवी कक्षा की छात्रा ने पूछा सवाल कि वो एक सफल नेता बनना चाहती है?
मोदी- माहौल कुछ ऐसा बन गया कि लोग राजनीति में जाना ही नहीं चाहते हैं। मैं चाहता हूं कि राजनीति में अच्छे अच्छे लोग आएं तभी राजनीतिक जीवन समृद्ध बनेगा। जब गांधी जी राजनीति में उतरे थे तो सभी लोग उनके साथ जुड़े थे। जितने ज्यादा लोग देश की राजनीति में आना चाहते हैं वो आएं। जैसा कि आप राजनीति में आना चाहते हैं कि तो आपके क्षेत्र में जो भी सबसे बड़ी घटना हो वहां आप लोगों को लेकर पहुंचे इससे आपमें नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी। दूसरी बात आपको नेता क्यों बनना है यह स्पष्ट होना चाहिए। हमे लोगों का दुख चैन से सोने न दे यह भावना आनी चाहिए इसके बिना नेता बनना मुश्किल है। अगर आप ऐसा कर सकते हो तो देश तुम्हें लीडर बना देगा।
सवाल- उत्तराखंड के सार्थक भारद्वाज ने पीएम मोदी से पूछा देश के कई गांवों में बिजली नहीं तो डिजिटल इंडिया कैसे सफल बनेगा?
मोदी- सार्थक से मोदी ने कहा कि तुम्हें खाना बनाने का शौक कहां से मिला। तुम आगे बनकर क्या बनना चाहते हो। क्या तुम्हें लगता है कि तुम न्यूट्रिशियन पर लोगों को बता सकते हो। उन्हें बता सकते हो कि आप क्या खाना चाहते हो क्या नहीं। आपकी बात सही है कि कई गांवों में बिजली नहीं है ऐसा 18000 गांव हैं। मैं कोशिश कर रहा हूं कि 1000 दिन में बिजली पहुंचाने की कोशिश करूंगा। बिजली न होने पर भी डिजिटल इंडिया की मुहिम रुकेगी नहीं। हमें अगर गति बढ़ानी है तो हमें गुड गर्वनेंस के लिए ई-गवर्नेंस का इस्तेमाल करना होगा। डिजिटल इंडिया एक इंपॉवरमेंट का तरीका है। 2020 में जब देश आजादी के 75वीं वर्षगांठ मनाएगा तो पूरे देश में 24 घंटे बिजली होनी चाहिए। तो आप जो चाहते हो वो हो सकता है।
सवाल- पणजी से सोनिया येलप्पा ने मोदी से पूछा पीएम सर आपको कौन सा खेल पसंद है?
जवाब- देखिए जो खेल में आगे जाते हैं और जब लड़कियां आगे जाती हैं तो उसमें उनकी माता का अहम रोल होता है। क्योंकि माताएं अक्सर चाहती हैं कि बेटियां किचन में उनकी मदद करें। मैं आपके टीचर को अभिनंदन करता हूं। आपने पूछा मैं कौन सा खेल खेलता हूं। अब राजनीति वाले कौन सा खेल खेलते हैं सब जानते हैं। मैं ज्यादा से ज्यादा कबड्डी और खोखो खेलता था। कपड़े धोने तालाब के पास जाना होता था तो मुझे तैरना आता था। थोड़ा आगे बढ़ा तो मुझे योगा में दिलचस्पी हो गई। सोनिया आपको बहुत बहुत अभिनंदन।
सवाल- बैंगलुरु की टीम पेंटागन से अनुपमा ने पीएम मोदी से पूछा कि जब आप अपने स्वच्छ भारत अभियान को चलाने के बारे में सोचते हो तो क्या चुनौतियां दिखती हैं?
मोदी- पहले जब मैने स्वच्छ अभियान के बारे में सोचा था तो मुश्किल भरा लगता था लेकिन अब ऐसा नहीं लगता। जब आप वेस्ट मैनेजमेंट पर एप बनाती हो तो हिम्मत आती है। यह एक ऐसा विचार था जिसका हर किसी ने समर्थन किया। लोगों ने अपनी कमाई छोड़कर इस अभियान में अपना योगदान दिया। हम वेस्ट मैनेडमेंट के बिना कोई समाधान नहीं ला सकते हैं। शहर के कूड़ा करकट से उर्वरक बनाकर समस्या को सुलझाया जा सकता है। वेस्ट अपने आप में एक बड़ा बिजनेस है। हम चाहते हैं कि सरकार इस काम को आगे बढाए। गांवों में भी गंदे पानी का निकास सुधार लिया गया तो वहां के लोग तो बाकी चीजें अपने खेत में डाल देते हैं। आपको बहुत बहुत बधाई आपने अच्छा काम हाथ में लिया।
सवाल- डीपीएस पटना के अनमोल काबरा ने पीएम मोदी से पूछा कि 3 घंटे के प्रश्न के आधार पर छात्र की प्रतिभा की आंकलन कैसे?
जवाब- सचमुच में एक छोटा सा बदलाव शायद आने वाले दिनों में होगा। स्कूलों में एक करेक्टर सर्टिफिकेट होता है। जो जेल में हैं और जो फांसी पर लटक गए उनके पास भी यह होगा। यह एक रिवाज है। मैने लोगों से कहा है कि करेक्टर सर्टिफिकेट के बजाए उसे एप्टीट्यूड सर्टिफिकेट देना चाहिए। उसके दोस्तों,शिक्षकों और माता पिता से पूछना चाहिए इससे उसके जीवन की दिशा बदलने में काफी मदद मिलेगी। इससे कठिनाई दूर होगी। ये थोड़ा मुश्किल हैं लेकिन हम जरूर करेंगे। अनमोल तुम्हें बहुत बहुत बधाई। आगे बढ़ों।
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