नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार नेताजी सुभाष चंद्र बोस से संबंधित 25 फाइलों की डिजिटल प्रतियों को हर महीने सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। अभिलेखागार जल्द ही नेताजी से संबंधित 100 फाइलों को सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध कराएगा।
केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, नेताजी की जयंती 23 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन फाइलों की डिजिटल प्रतियां सार्वजनिक करेंगे। इससे इन फाइलों को सुलभ कराने के लिए लंबे समय से चली आ रही जनता की मांग पूरी होगी। यही नहीं, इससे विद्वानों को नेताजी पर आगे और अनुसंधान करने में भी सुविधा होगी।
नेताजी के परिवार के लोगों का कहना है कि नेताजी से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक होने के बाद आजादी की लड़ाई से जुड़ी कई जानकारियां सामने आएंगी और ये भी पता चल पाएगा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत कैसे हुई।
नेताजी की परपोती चित्रा बोस प्लेन क्रैश की बात को सिरे से खारिज करती हैं। उनका कहना है कि जस्टिस मुखर्जी कमीशन की एनक्वायरी में ये बात साफ हो गयी है कि कोई प्लेन क्रैश नहीं हुआ था। नेताजी की परपोती का कहना है कि ये एक साजिश थी।
नेताजी पर रिसर्च करने वाले अनुज धर का कहना है कि पीएमओ से निकलने वाली 33 फाइलों से नेताजी के बारे में कई अहम जानकारी मिलेगी।
करीब 70 साल से ये बात एक रहस्य बनी रही कि क्या वाकई में नेताजी की मौत हुई अगर हुई तो कैसे हुई ? क्या नेताजी आजादी के बाद छिपकर जिंदा रहे? इन फाइलों के जारी होने से इन सब बातों से पर्दा उठेगा। देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले नेताजी के जन्मदिन पर इससे अच्छी श्रद्धांजलि और क्या हो सकती है ।