नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दादरी की घटना पर खुलकर बोलते हुये कहा कि दादरी की घटना या पाकिस्तानी गायक के विरोध की घटना दुखद है जिसकी केंद्र सरकार निंदा करती है। भाजपा भी इस तरह की घटना का विरोध करती है। बीजेपी ने हर समय छद्म धर्मनिरपेक्षता का विरोध किया है।
एक बांग्ला अखबार को दिए साक्षात्कार में प्रधानमंत्री ने कहा कि इन घटनाओं में केंद्र सरकार का कोई योगदान नहीं है।
दादरी की घटना के बाद प्रधानमंत्री की चुप्पी को विपक्ष ने मुद्दा बनाया है। वहीं सोशल मीडिया पर लोग प्रधानमंत्री की आलोचना कर रहे हैं।
PM के बयान के बाद लालू का हमला:
दादरी मामले पर PM मोदी के बयान के बाद लालू प्रसाद यादव ने हमला बोला है। लालू ने कहा कि, 'मारपीट कर सॉरी बोलने का कोई मतलब नहीं है।'
लालू ने यह भी कहा कि, 'सुबह बयान देकर शाम को पलट जाती है BJP।'
प्रधानमंत्री ने पाकिस्तानी गजल गायक गुलाम अली के मुंबई में कार्यक्रमों को लेकर विवाद को भी अफसोसजनक करार दिया। गौरतलब है कि शिवसेना के विरोध के बाद गुलाम अली के मुंबई और पुणे में होने वाले कार्यक्रमों को रद्द करना पड़ा था।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने पिछले हफ्ते बिहार में चुनाव प्रचार के दौरान इस पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा था कि लोगों को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की बातों पर ध्यान देना चाहिए।
नवादा में आयोजित रैली में मोदी ने कहा था, "आप राजनेताओं की बात मत सुनिए, ख़ुद नरेंद्र मोदी कहता है तो उसकी बात भी मत सुनिए। सुनना है तो देश के राष्ट्रपति ने कल (बुधवार को) जो बात कही है उसे सुनिए।"
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पिछले बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था, ''हम अपनी सभ्यता के आधारभूत मूल्यों को खोने नहीं दे सकते... हमारे आधारभूत मूल्य हैं कि हमने हमेशा विविधता को स्वीकार किया है, सहनशीलता और अखंडता की वकालत की है।''