नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था का यह हाल है कि अब रक्षक ही भक्षक बनते जा रहे हैं। मामला महिला सिपाही के साथ गैंगरेप से जुड़ा है। इटावा जिले में तैनात सिपाही झांसी के जलविहार मेले में ड्यूटी करने गई थी, तभी तीन सिपाहियों ने मिलकर पिस्टल के दम पर बारी बारी से गैंगरेप किया।
इस घिनौनी घटना के सामने आने के बाद आईजी के आदेश पर इटावा एसएसपी ने महिला थाने में मामला दर्ज कराया है।
जानकारी के मुताबिक, महिला सिपाही झांसी के जल विहार मेले में ड्यूटी करने गई थी। वहां उसके साथ अन्य पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगी हुई थी।
उसके साथ मेले में औरैया के रहने वाले राजा भैया और झांसी के अजय ने अन्य साथियों संग गैंगरेप कर दिया। महिला ने इस घटना की आईजी से शिकायत की।
आईजी कानपुर जोन आशुतोष पांडेय के आदेश पर महिला थाना इटावा में मुकदमा दर्ज करके पीड़िता महिला सिपाही का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। आरोपी एक सिपाही कोतवाली झांसी में और दूसरा औरैया में तैनात है। मेला ड्यूटी में इटावा की दो महिला कांस्टेबिल भी आई हुई थीं।
28 सितंबर को ड्यूटी से लौटते समय आरोपी सिपाहियों ने महिला कॉन्सटेबल को झांसा देकर पीछे की सीट पर बैठा लिया। झांसी के रास्ते पर करीब 25 किमी दूर पहुंचने के बाद झांसी कोतवाली में तैनात आरोपी सिपाही ने गाड़ी को जंगल के रास्ते में ले जाने को कहा।
इसके बाद दोनों सिपाहियों और ड्राइवर ने उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। पीड़िता महिला सिपाही ने बताया कि उस गाड़ी में एक और महिला साथी भी बैठी थी। पीड़िता ने इटावा लौटने के बाद सीधे आईजी जोन कानपुर आशुतोष पांडेय के नंबर पर शिकायत की। आईजी ने महिला सिपाही को तुरंत इटावा से कानपुर बुलवाकर पूछताछ की।
इसके बाद आईजी ने इटावा एसएसपी मंजिल सैनी को तत्काल पीड़िता का मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई के आदेश दिए। सैनी ने बताया कि आरोपी सिपाहियों अजय यादव, राजा भैया और उनके ड्राइवर के खिलाफ महिला थाने में गैंगरेप का मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्होंने बताया कि विवेचना के लिए केस को झांसी भेजा जा रहा है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करवा दिया गया है।