1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. राज्यसभा में पीएम मोदी ने कहा- अर्थव्यवस्था का आधार मजबूत, निराश होने की जरूरत नहीं

राज्यसभा में पीएम मोदी ने कहा- अर्थव्यवस्था का आधार मजबूत, निराश होने की जरूरत नहीं

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Feb 06, 2020 05:22 pm IST,  Updated : Feb 06, 2020 06:34 pm IST

राज्यसभा में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि कई बातें नई-नई उभरकर सामने आई हैं। सदन गर्व कर सकता है कि पिछला हमारा सत्र बहुत प्रोडक्टिव रहा। सभी सदस्यों के सहयोग के चलते यह संभव हुआ। सभी सदस्य अभिनंदन के पात्र हैं।

PM narendra modi- India TV Hindi
राज्यसभा में पीएम नरेंद्र मोदी Image Source : INDIA TV

नई दिल्ली। राज्यसभा में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि कई बातें नई-नई उभरकर सामने आई हैं। सदन गर्व कर सकता है कि पिछला हमारा सत्र बहुत प्रोडक्टिव रहा। सभी सदस्यों के सहयोग के चलते यह संभव हुआ। सभी सदस्य अभिनंदन के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि नए दशक में नए कलेवर की जो मेरी अपेक्षा थी उसमें निराशा मिली है। आप जहां ठहर गए हैं वहीं रूके हुए हैं। अच्छा होता हताशा निराशा का वातावरण बनाए बिना नई उमंग नये विचार से देश को दिशा मिलती सरकार को ऊर्जा मिलती लेकिन ठहराव को ही आपने नियति बना लिया है। इस दौरान पीएम मोदी ने काका हाथरसी का जिक्र करते हुए कहा कि काका हाथरसी ने कहा- प्रकृति बदलती क्षण-क्षण देखो, बदल रहे अणु कण-कण देखो। तुम निष्क्रिय से पड़े हुए हो, भाग्यवाद पर अड़े हुए हो।

कश्मीर में बदले हालात- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि गुलाम नबी जी ने कहा कि जम्मू कश्मीर की सदन में चर्चा नहीं हुई लेकिन पूरे देश ने देखा इस पर विस्तार से और व्यापक चर्चा हुई। सम्मानीय सदस्यों ने वोट देकर फैसला किया। उन्होंने कहा कि पुराने कारनामे लोग भूलते नहीं हैं। तेलंगाना जब बना तो सदन के दरवाजे बंद कर दिए गए। चर्चा की कोई जगह नहीं थी। आप हमें नसीहत दें आप सीनियर हैं, लेकिन सत्य आपको स्वीकार करना होगा।

अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से 370 हटने के बाद पहली बार गरीबों को आरक्षण मिला। पहली बार रेरा कानून लागू हुआ, स्टार्ट अप पॉलिसी बनी और लागू हुई। पहली बार एंटी करप्शन ब्यूरों की स्थापना हुई, सीमापार से हो रही फंडिंग पर नियंत्रण किया गया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पहली बार ब्लॉक डेवलपमेंट के चुनाव हुए। 18 महीनों में तीन लाख तीस हजार घरों में बिजली कनेक्शन दिया गया और 3.5 लाख आयुष्मान भारत योजना के कार्ड दिये गए। 

नॉर्थ ईस्ट को लेकर कही ये बात

पीएम मोदी ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट अभूतपूर्व शांति के साथ भारत की विकास यात्रा का अग्रिम भागीदार बना है। हिंसक आंदोलन वहां समाप्त हुआ है। 25-30 साल से ब्रू जाति की समस्या थी, आपने चाहा होता तो ब्रू जनजाति की समस्या का सुखद समाधान ला सकते थे लेकिन इतने सालों के बाद आज सारी समस्याओं का समाधान करने में सफल हुए हैं। इतनी बड़ी समस्या में इतनी उदासीनता का कारण क्या है। उनका दर्द तो बहुत असीमित था लेकिन उनका वोट सीमित था। पीएम मोदी ने कहा कि यही वजह है कि हम उनके दर्द को महसूस नहीं कर पाए, हमारी सरकार की सोच अलग है। हम सबका साथ सबका विकास मंत्र के साथ लोगों की समस्याओं को सुलझाने में लगे हुए हैं। 

अर्थव्यवस्था का आधार मजबूत, निराश होने की जरूरत नहीं- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि इस सत्र को अर्थव्यवस्था और उससे जुड़ी नीतियों पर बहस के लिए समर्पित करनी चाहिए। इस मंथन से अमृत ही निगलेगा। हमें मनमोहन सिंह जैसे विद्वानों का सहयोग मिलेगा। आज भी अर्थव्यवस्था मजबूत है और आगे जाने की पूरी ताकत रखती है। निराश होने की कोई जरूरत नहीं। 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को पाना है।पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने कई बैंकों का विलय किया, इससे बैंक मजबूत होंगे। जीएसटी पर विपक्ष भ्रम न फैलाए। जीएसटी को आपने लंबे समय तक अटकाए रखा।

उन्होंने कहा कि- मैंने सीएम के तौर पर प्रणब दा से मुलाकात के दौरान जीएसटी को लेकर सवाल उठाए थे। उस वक्त प्रणब दा वित्त मंत्री थे। मैंने उनसे कहा था कि मैन्यूफैक्चरिंग स्टेट की कठिनाईयों को सुलझाना होगा। कंज्यूमर स्टेट के लिए जयादा दिक्कत नहीं है। बाद में अरुण जेटली ने वित्त मंत्री के तौर पर इसका समाधान किया। सीएम के रूप में जो मुद्दे हमने उठाये थे, पीएम के तौर पर हमने उसे सुलझाया है। तब जाकर जीएसटी लागू हो पाया। हर व्यवस्था में सुधार की गुंजाइश होनी चाहिए। समय के मुताबिक बदलाव करने चाहिए। हम हर अच्छे विचार का स्वागत करते हैं।

देश तेजी से बदलाव को स्वीकार कर रहा है- पीएम मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश तेजी से बदलाव को स्वीकार कर रहा है। भारत का रुपे कार्ड दुनिया में अपनी जगह बना रहा है यह हम सभी के लिये गर्व का विषय है। जल जीवन मिशन में वित्त पोषण केन्द्र सरकार करेगी, लेकिन मिशन का संचालन गांव करेंगे। यह सहकारी संघवाद का उत्तम उदाहरण है। आकांक्षी जिले भी प्रतिस्पर्धी बन कर सहकारी संघवाद का श्रेष्ठ उदाहरण बन रहे हैं। इन जिलों से आकांक्षी कस्बे चुनने को कहा गया है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत