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प्रियंका गांधी ने हैसियत कम होने की दुहाई देकर की थी कम किराये की अपील

 Written By: India TV News Desk
 Published : Apr 16, 2016 03:46 pm IST,  Updated : Apr 16, 2016 04:47 pm IST

नई दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और भूतपूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा ने 14 साल पहले वाजपेयी सरकार के दौरान सरकारी बंगले का किराया कम करने की अपील की थी

priyanka gandhi- India TV Hindi
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नई दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और भूतपूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा ने 14 साल पहले वाजपेयी सरकार के दौरान सरकारी बंगले का किराया कम करने की अपील की थी और उनका तर्क था कि उनकी इतना किराया देने की हैसियत नहीं है। प्रियंका को 2765 स्क्वायर मीटर में फैले लुटियंस जोन के बंगले का किराया 53,421 रुपये महीना देने को कहा गया था, लेकिन उन्होंने 8,888 रुपये प्रति महीने ही दिया।

इस संबंध में एक आरटीआई दाखिल की गई थी जिसके जवाब में कहा गया कि 8 जुलाई 2003 के कैबिनेट कमेटी के नोट के मुताबिक यह माना गया है कि प्रियंका गांधी प्राइवेट सिटीजंस हैं और सुरक्षा कारणों के चलते उन्हें नियमानुसार सरकारी मकान दिया गया है। वे लाइसेंस फीस रेट के हिसाब से रेंट नहीं दे सकती इसलिये इसकी समीक्षा की गई।

प्रियंका गांधी लोधी एस्टेट के टाइप-6 सरकारी बंगले में रहती हैं और वह हर महीने 31,300 रुपये किराया देती हैं। प्रियंका के अलावा तीन अन्य प्राइवेट सिटीजंस पंजाब के पूर्व डीजीपी केपीएस गिल, ऑल इंडिया एंटी टेरेरिस्ट फ्रंट चीफ एमएस बिट्टा और पंजाब केसरी के संपादक अश्विनी कुमार सुरक्षा कारणों से इसी तरह के बंगले में रहते हैं हालंकि अश्विनी कुमार ने 2012 में बंगला खाली कर दिया था।

आरटीआई के मुताबिक, 7 मई 2002 को प्रियंका गांधी ने सरकार को खत लिखा था कि 53 हजार 421 रुपए हर महीने किराया देना उनकी हैसियत से बाहर है क्योंकि यह बहुत ज्यादा है। प्रियंका ने सरकार को सूचित किया था कि उन्होंने यह बंगला एसपीजी के आग्रह पर लिया है और इसके बड़े हिस्से पर एसपीजी ही काबिज है। चिट्ठी में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की बेटी ने कहा कि वह पूल हाउस में रहती हैं, इसकी वजह सुरक्षा है।

प्रियंका पर 31 जनवरी 2004 को 3.76 लाख रुपये का बकाया भी था। कैबिनेट कमेटी के नोट से खुलासा हुआ कि सरकार ने माना कि जिन लोगों को पॉश लोकेशंस में सरकार ने बंगले दिए हैं, उसकी वजह सुरक्षा है। ये लोग बाजार दर के हिसाब से किराया नहीं दे सकते। बंगलों के लिए विशेष लाइसेंस फीस 24 जुलाई 2003 को रिवाइज्ड की गई थी।

डायरेक्टर ऑफ एस्टेट्स के मुताबिक, 35 लोधी एस्टेट का बंगला प्रियंका को 21 फरवरी 1997 में 19000 रुपये महीने के हिसाब से किराये पर दिया गया था। इसके बाद किराए की समीक्षा की गई थी। विभाग के मुताबिक, बाजार में इसका किराया 81,865 रुपये महीना है।

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