
पंजाब स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी जतिंदर को इस घटना का पता सुबह लगभग 6:15 बजे चला। उन्हें इस घटना की जानकारी उनके दोस्त ने फोन करके दी। उन्होंने कहा, इसके बाद मैं अपने घर की सीढि़यों से उपर गया और वहां मैंने गोलियों की आवाज सुनी।
उन्होंने बताया कि आतंकियों से मुकाबला करने के लिए जल्दी ही भारी पुलिस बल और फिर सेना मौके पर पहुंच गई थी। संदिग्ध आतंकी हमले को देखते हुए जतिंदर और उनकी पत्नी ने दफ्तर न जाने का फैसला किया।
जतिंदर ने कहा, हमारा बेटा आठवीं का छात्र है। वह स्कूल नहीं गया क्योंकि जिला प्रशासन ने शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी की घोषणा की है।
दीनानगर में पहली बार हुआ आतंकी हमला
दीनानगर के ही एक अन्य निवासी वरिंदर कुमार विक्की ने कहा, इस इलाके में पहली बार कोई आतंकी हमला हुआ है और इलाके में घबराहट का माहौल है।