मुंबई: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर करारा प्रहार करते हुए कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सवाल किया कि वह गरीबों की तकलीफों के बारे में कुछ क्यों नहीं बोलते। राहुल ने दावा किया कि भाजपा सरकार की विश्वसनीयता काफूर हो चुकी है। उत्तरी मुंबई के मलाड उपनगरीय इलाके में पार्टी कार्यकर्ताओं के एक जलसे को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा, तकरीर देना बहुत अच्छी बात है लेकिन मोदी गरीबों की तकलीफों के बारे में खामोश क्यों हैं।
राहुल ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वह अपने आपसी मतभेद भुलाकर मिलकर काम करें और कांग्रेस को सत्ता में वापस लाएं। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से गुटबाजी से दूर रहने की अपील करते हुए मकर संक्रांति के मौके पर मराठी में दी जाने वाली शुभकामना दोहराई, तिल गुल घया, गोड़ गोड़ बोला यानी मीठा मीठा खाओ, मीठा मीठा बोलो। राहुल ने कहा, एक सरकार की विश्वसनीयता को समाप्त होने में अमूमन दो..तीन..चार साल लगते हैं, लेकिन भाजपा सरकार की विश्वसनीयता बहुत जल्दी काफूर हो गई। उन्होंने कहा कि स्टार्ट अप्स और भारत जोड़ो की बातें तो बहुत होती हैं, यह बातें अच्छी हैं, लेकिन भारत में गरीब लोग और घरेलू कामगार भी हैं, सरकार उनको भूल गई है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, किसी किसान की हालत के बारे में पूछें, वह अपनी दुर्दशा बताते हुए रो देंगे। आप गरीब लोगों को, खोमचे वालों को पीछे नहीं छोड़ सकते। राहुल ने कहा कि मोदी स्वच्छ भारत के बारे में बोलते हैं। मोदीजी और उनके मंत्रियों ने हाथ में झाड़ू उठाई और सड़कें साफ कीं, लेकिन मुंबई में टनों कचरा है, आप तकरीर देकर और समारोह करके मुंबई को साफ नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बहुत से लोगों ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनाए गए शौचालय तोड़ डाले। उन्होंने कहा कि वृह्नमुंबई नगर निगम का बजट हजारों करोड़ रूपए का है, लेकिन इस सरकार ने मुंबई को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए सिर्फ 100 करोड़ रूपए दिए। जब हम सत्ता में थे, तो हमने नांदेड़ जैसे शहर को 2,000 करोड़ रूपए दिए थे।
राहुल गांधी ने कहा कि अगर मुंबई का विकास करना है तो महापौर के पद पर कांग्रेस के उम्मीदवार को जीताना होगा। पहले हम मुंबई जीतेंगे, फिर राज्य और फिर केन्द्र में सरकार बनाएंगे। उन्होंने कहा कि मुंबई में कल अपनी पदयात्रा के दौरान वह गरीबों पर बिजली अधिभार को कम करने के मामले पर सरकार पर दबाव डालेंगे।