नई दिल्ली: रेलवे क्षेत्र में प्रथम बड़ा एफडीआई लाते हुए भारतीय रेलवे ने बिहार में दो लोकोमोटिव संयंत्रों की स्थापना के लिए जीई और अलस्ताम के साथ 40,000 करोड़ रुपए के समझौतों पर आज हस्ताक्षर किए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि नई फैक्टरियां लगने से इलाके के लोगों का फायदा होता है और इससे बिहार में रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसे बिहार में प्रथम बड़ा विनिर्माण निवेश करार देते हुए कहा कि डीजल और इलेक्टि्रिक लोकोमोटिव फैक्टरियां लगने से किसान लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा, यह भारत में एक बड़ा विनिर्माण निवेश है और जब जीई एवं अलस्ताम बिहार में निवेश करना शुरू करती हैं तो मुझे लगता है कि यह मेक इन इंडिया के लिए अच्छे दिन हैं।
इससे भारत को लाभ होने जा रहा है, रेलवे को लाभ होने जा रहा है और बिहार को लाभ होने जा रहा है। जेटली यहां 40,000 करोड़ रुपए मूल्य के दो आधुनिक लोकोमोटिव संयुक्त उद्यम फैक्टरी परियोजनाओं के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। फैक्टियां लगने से क्षेत्र के लोगों को रोजगार के नए साधन मिलेंगे और उन्हें नौकरी के लिए अपने क्षेत्र को छोड़ना नहीं पड़ेगा। क्षेत्र में संपन्नता बढ़ेगी।