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रियल एस्टेट बिल लोकसभा में भी पास, अब झूठे विज्ञापन नहीं दे पाएंगे बिल्डर्स

 Written By: Bhasha
 Published : Mar 15, 2016 06:43 pm IST,  Updated : Mar 15, 2016 11:47 pm IST

नई दिल्ली: रियल एस्टेट क्षेत्र के उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा करने और इस क्षेत्र के विनियमन वाले एक महत्वपूर्ण विधेयक आज संसद ने अपनी मंजूरी दे दी। राज्यसभा से पिछले हफ्ते पारित हो चुके

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नई दिल्ली: रियल एस्टेट क्षेत्र के उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा करने और इस क्षेत्र के विनियमन वाले एक महत्वपूर्ण विधेयक आज संसद ने अपनी मंजूरी दे दी। राज्यसभा से पिछले हफ्ते पारित हो चुके इस विधेयक को आज लोकसभा ने भी चर्चा के बाद अपनी मंजूरी दे दी। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने इस विधेयक को समय की जरूरत बताया और कहा कि इससे बिल्डर और उपभोक्ता दोनों के हितों का संरक्षण होगा।

भू-संपदा (विनियमन और विकास) विधेयक, 2016 पर लोकसभा हुई चर्चा का जवाब देते हुए नायडू ने कहा कि यह विधेयक सभी हितधारकों और संसद की समितियों में पर्याप्त अध्ययन के बाद लाया गया है। उन्होंने कहा कि यह उपभोक्ता को किंग बनाने वाला विधेयक है। कानून बनने के बाद बिल्डर और ग्राहक दोनों ही इसके दायरे में आएंगे।

नायडू ने कहा कि विधेयक पारित होने के बाद एक नियामक प्राधिकरण बनाया जाएगा जिसमें बिल्डर को किसी भी परियोजना की शुरूआत से पहले उसमें पंजीकरण कराना होगा और उसकी जमीन खरीदने से लेकर अन्य सभी मंजूरी संबंधित दस्तावेज आदि का ब्योरा जमा करना होगा। यह जानकारी उपभोक्ताओं के लिए सार्वजनिक होगी और वे अपनी पसंद की परियोजना चुन सकते हैं।

उन्होंने कहा, हम चाहते हैं कि रियल एस्टेट क्षेत्र बढ़े। हम इस क्षेत्र के लोगों को विकास में साथ लेकर चलना चाहते हैं। इस क्षेत्र में कुछ लोग अनुचित तरीके से काम करने वाले हो सकते हैं लेकिन अच्छे लोग भी हैं जिनकी एक साख है और जो अच्छा काम कर रहे हैं। हम उनकी अनदेखी नहीं कर सकते। नायडू ने कहा कि इस विधेयक को संप्रग सरकार लेकर आई थी और उचित विचार-विमर्श और कुछ संशोधनों के बाद राजग सरकार इसे आगे बढ़ा रही है।

नायडू ने कहा यह विधेयक बिल्डरों के खिलाफ नहीं है लेकिन यह सुनिश्चित करने वाला जरूर है कि वे उपभोक्ताओं से किए गए वायदों को पूरा करें। अपने विज्ञापनों में जो सपने वह दिखाते हैं उन्हें वास्तिवकता में भी दें। उन्होंने कहा कि हम बिल्डरों की समस्याएं सुनने को तैयार हैं और हम उन्हें देश की विकास का भागीदार बनाना चाहते हैं, वे भी देश के विकास का अभिन्न हिस्सा हैं। शहरी विकास मंत्री ने इन आंशकाओं को भी गलत बताया कि इस विधेयक से मकानों के दाम बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि इसके उलट इस क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और दामों में कमी आएगी।

अन्नाद्रमुक के एक सदस्य को छोड़ कर सभी दलों ने विधेयक का आमतौर पर समर्थन किया। विधेयक पर चर्चा की शुरूआत करते हुए कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल ने कहा कि मौजूदा सरकार स्वीकार कर रही है कि यह विधेयक हमारी सरकार लाई थी यह अच्छी बात है। उन्होंने घर खरीदने वाले उपभोक्ताओं के हित वाले विधेयक का स्वागत करते हुए कहा।

भाजपा के प्रलाद पटेल ने कहा कि हर साल 10 लाख लोग आवास खरीदते हैं लेकिन अब तक उन्हें बिल्डरों के झूठे वादे समेत अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इस भूसंपदा संशोधन कानून के अमल में आने के बाद आम लोगों को काफी राहत मिलेगी। अन्नाद्रमुक के ए पी मरूथराजा ने कहा कि उनकी पार्टी इस विधेयक का विरोध करती है क्योंकि यह राज्यों के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप है। तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि यह एक ऐसा विधेयक है जिस पर सदन एकमत है।

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