नई दिल्ली: RSS ने आज अपने ड्रेस कोड में बदलाव करते हुए खाकी हाफ पैंट की जगह भूरे रंग की फुल पैंट स्वयंसेवकों के परिधान में शामिल की है। इससे पूर्व शनिवार को RSS ने खबरों का खंडन करते हुए ट्वीट करके कहा था, 'RSS के यूनिफ़ॉर्म में बदलाव को लेकर अभी फ़ैसला नहीं लिया गया है। चर्चा जारी है। बदलाव को लेकर जो ख़बरें चल रही हैं वो सही नहीं हैं।'
RSS के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने बताया था कि 2010 में वर्दी में बदलाव का मुद्दा एक बैठक में उठाया गया था, लेकिन आम सहमति न बन पाने के कारण इसे 2015 तक टाल दिया गया था। आरएसएस के सदस्य अभी खाकी हाफ पैंट और पूरी बांह वाली सफेद कमीज पहनते हैं जो कुहनी तक मुड़ी रहती है। अपने ‘गणवेश’ के तहत वे काली टोपी भी लगाते हैं।
पिछले 91 साल से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पहचान रहे खाकी रंग के निकर अब इस संगठन के गणवेश से बाहर हो जाएंगे और समय के साथ बदलाव ला रहे संगठन की पहचान अब भूरे रंग की पतलून बनेगी। संघ की सर्वोच्च नीति निर्धारक इकाई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की यहां आयोजित तीन दिवसीय सालाना बैठक में यह फैसला किया गया।
संघ के सरकार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘हमने खाकी निकर की जगह भूरे रंग की पैंट को गणवेश में शामिल करने का निर्णय लिया है। हम अड़ियल रख नहीं रखते और समय के अनुसार फैसले लेते हैं।’ साल 1925 में संघ की स्थापना के बाद से ढीला-ढाला खाकी निकर संगठन की पहचान रहा है।