नयी दिल्ली: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन डीआरडीओ के नामचीन वैग्यानिक जी सतीश रेड्डी ने आज रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के वैग्यानिक सलाहकार का पदभार ग्रहण किया तथा सशस्त्रबलों, डीआरडीओ एवं निजी क्षेत्र के बीच तालमेल स्थापित करने का निश्चय प्रकट किया।
उन्हें दो साल के लिए इस पद पर नियुक्त किया गया है। इन मशहूर मिसाइल वैग्यानिक ने नैविगेशन और एवियोनिक्स के क्षेत्र में अहम योगदान दिया है।
उन्होंने एक सरकारी विग्यप्ति में कहा, मैं सशस्त्रबलों, डीआरडीओ और उद्योग के बीच तालमेल बनाने के लिए काम करूंगा तथा उन प्रौद्योगिकियों एवं उत्पादों की पहचान करूंगा जिन्हें आज के समय में आयात किया जाता है और उन्हें भारत में निर्मित कराने की पूरी कोशिश करूंगा।
उन्होंने कहा, यही समय है कि उद्योगों को अनुसंधान एवं विकास में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने और उन्हें बड़े रक्षा कार्यक्रमों का हिस्सा बनाने के लिए तौर तरीके तय किए जाएं।
पर्रिकर द्वारा रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के प्रमुख का पद अलग करने का फैसला करने के बाद रेड्डी को सलाहकार नियुक्त किया गया है। पहले डीआरडीओ प्रमुख ही रक्षा मंत्री के सलाहकार होते थे।
सरकार ने पिछले ही सप्ताह एस क्रिस्टोफर को डीआरडीओ का महानिदेशक नियुक्त किया था और उन्हें सचिव का दर्जा मिला था। वह सेंटर फोर एयरबोर्न सिस्टम के प्रमुख थे।
सरकार द्वारा अविनाश चंदर का विस्तारित कार्यकाल छोटा किए जाने के बाद उन्होंने डीआरडीओ प्रमुख का पद त्याग दिय था। यह संगठन 31 जनवरी से बिना पूर्णकालिक प्रमुख के काम कर रहा था।