कोलकाता: हाल ही में ब्रिटेन की यात्रा करने वाला कोलकाता का 22 वर्षीय व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है। इसके साथ पश्चिम बंगाल में इस विषाणु के दूसरे मामले की पुष्टि हुई है। राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि ब्रिटेन में पढ़ाई कर रहा यह युवक 13 मार्च को लौटा था और उसे कोविड-19 के लक्षणों के साथ शहर के बेलियाघाट आईडी अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी के अनुसार, मरीज के नमूने लिए गए और राष्ट्रीय हैजा एवं आंत रोग संस्थान से प्राप्त रिपोर्ट में उसके कोरोना वायरस के संपर्क में आने की पुष्टि हुई। उन्होंने कहा, ‘‘नमूने की दो बार जांच की गई और दोनों बार नतीजों में संक्रमण पाया गया। हमें यह भी मालूम चला कि चंडीगढ़ और छत्तीसगढ़ में उसके दो दोस्त भी संक्रमित पाए गए हैं।’’
अधिकारी ने बताया कि बालीगंज इलाके के रहने वाले इस व्यक्ति ने चिकित्सा जांच की सलाह की अवहेलना की जैसा कि राज्य के पहले कोरोना वायरस के मरीज ने कुछ दिनों पहले किया था। उन्होंने कहा, ‘‘13 मार्च को उसके शहर में लौटने के बाद वह रेस्तरां, शॉपिंग मॉल्स और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर गया। शिक्षित और जागरूक इंसान से ऐसी उम्मीद नहीं है। यह व्यक्ति और उसके परिवार वालों की तरफ से जिम्मेदारी के भाव की कमी भी दिखाता है। ’’ अधिकारी ने कहा, ‘‘हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उसके संपर्क में कौन-कौन आया।’’ उन्होंने कहा कि कोलकाता हवाईअड्डे के अधिकारियों ने व्यक्ति को घर में पृथक रखने की सलाह दी थी लेकिन उसने इसे नहीं माना।
अधिकारी ने कहा, ‘‘वह चंडीगढ़ और छत्तीसगढ़ में अपने दोस्तों के स्वास्थ्य के बारे में जानने के बाद 19 मार्च को बेलियाघाट आईडी अस्पताल गया।’’ उन्होंने बताया कि उसके परिवार के 11 सदस्यों, घरेलू सहायकों और चालकों को दो विशेष एम्बुलेंस में अलगाव केंद्र भेज दिया गया है। इस बीच, पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय देशों से हाल ही में लौटे लोगों को दो हफ्तों के लिए घर में रहने के लिए कहा है। इंग्लैंड से 15 मार्च को लौटे 18 वर्षीय युवक में कोरोना वायरस की मंगलवार को पुष्टि होने के साथ यह पश्चिम बंगाल में इस संक्रामक रोग का पहला मामला था। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, राज्य के गृह विभाग में वरिष्ठ अधिकारी उसकी मां ने अपने बेटे के शहर पहुंचने के तुरंत बाद चिकित्सा जांच न कराकर स्वास्थ्य विभाग के दिशा निर्देशों का उल्लंघन किया।